उपभोक्ताओं के रोजमर्रा के UPI भुगतान और P2P लेन-देन निःशुल्क रहेंगे; सीमित व्यापारी लेन-देन पर ही MDR की संभावना
नई दिल्ली, 8 अगस्त 2026, वाय के न्यूज। केंद्र सरकार ने UPI पर शुल्क लगाए जाने की चर्चाओं के बीच स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि UPI से भुगतान करने वाले आम उपभोक्ताओं पर कोई लेन-देन शुल्क नहीं लगाया जाएगा। व्यक्ति-से-व्यक्ति यानी P2P भुगतान भी पहले की तरह निःशुल्क रहेंगे।
सरकार के अनुसार, भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 में प्रस्तावित संशोधन को UPI पर आम शुल्क लगाने के प्रावधान के रूप में देखना सही नहीं है। संशोधन का उद्देश्य UPI की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता, तकनीकी उन्नयन, साइबर सुरक्षा और बढ़ते डिजिटल भुगतान से जुड़े जोखिमों से निपटने की क्षमता मजबूत करना है।
व्यापारियों पर भी अधिकांश लेन-देन शुल्क-मुक्त
सरकार ने कहा कि UPI के अधिकांश व्यापारी लेन-देन भी शुल्क-मुक्त रहेंगे। यदि भविष्य में MDR यानी Merchant Discount Rate लागू किया जाता है, तो यह केवल निर्धारित सीमा से ऊपर आने वाले सीमित श्रेणी के व्यापारी लेन-देन पर लागू होगा।
सरकार के मुताबिक इसकी दर मामूली और डेबिट-क्रेडिट कार्ड पर लगने वाले MDR की तुलना में काफी कम होगी। MDR से संबंधित निर्णय प्रस्तावित व्यवस्था के तहत NPCI की अध्यक्षता वाली UPI और सेवा संचालन समिति द्वारा लिया जाएगा।
UPI को सब्सिडी पर निर्भर नहीं रखना चाहती सरकार
सरकार का तर्क है कि UPI लेन-देन लगातार बढ़ने के साथ साइबर सुरक्षा, धोखाधड़ी रोकने और डिजिटल भुगतान के बुनियादी ढांचे के उन्नयन के लिए लगातार निवेश की जरूरत है। इसलिए UPI के लिए दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ राजस्व मॉडल विकसित करना जरूरी है।
सरकार ने बाहरी दबाव से संबंधित दावों को भी खारिज किया है और कहा है कि UPI भारत का अपना डिजिटल नवाचार है।
जुलाई में 2,366 करोड़ UPI लेन-देन
सरकार के अनुसार जुलाई 2026 में UPI के जरिए 2,366 करोड़ लेन-देन हुए, जिनका कुल मूल्य करीब 29.9 लाख करोड़ रुपये रहा। UPI अब 11 विदेशी देशों में भी उपलब्ध है।
सीधी बात: आम नागरिक के रोजमर्रा के UPI भुगतान पर शुल्क नहीं लगेगा। P2P भुगतान भी निःशुल्क रहेंगे। संभावित MDR का दायरा सीमित व्यापारी लेन-देन तक ही बताया गया है।
