भारत में डिजिटल वित्त का तेजी से विस्तार, ब्रॉडबैंड पहुंच 16 गुना बढ़ी

यह समाचार साझा करें

WhatsApp Facebook X

पढ़ने की सुविधा

अपनी सुविधा के अनुसार अक्षर और कंट्रास्ट चुनें।

अक्षर आकार

यूपीआई से एक साल में 24,162 करोड़ लेन-देन; 5जी 99.9 प्रतिशत जिलों तक पहुंचा

मुंबई, 10 सितंबर। वाय के न्यूज़।

भारत में डिजिटल वित्त और कनेक्टिविटी का विस्तार तेजी से हुआ है। एक दशक में ब्रॉडबैंड एक्सेस 6 करोड़ से बढ़कर 103 करोड़ हो गया है, जबकि 2022 में शुरू हुई 5जी सेवा 26 महीनों में देश के 99.9 प्रतिशत जिलों और करीब 85 प्रतिशत आबादी तक पहुंच गई।

यूपीआई बना डिजिटल भुगतान का प्रमुख माध्यम

वित्त वर्ष 2025-26 में यूपीआई के जरिए करीब 24,162 करोड़ लेन-देन हुए। इन लेन-देन का कुल मूल्य करीब 314 लाख करोड़ रुपये रहा। यूपीआई अब 740 से अधिक बैंकों से जुड़ चुका है।

देश में होने वाले करीब 84 प्रतिशत डिजिटल लेन-देन यूपीआई के माध्यम से होते हैं। वैश्विक स्तर पर रियल-टाइम डिजिटल भुगतान के कुल वॉल्यूम में भारत की हिस्सेदारी करीब 49 प्रतिशत बताई गई है।

स्मार्टफोन से बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच

डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार ने बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने का तरीका भी बदला है। करीब 60 करोड़ जन धन खाते और डिजिलॉकर पर उपलब्ध करीब 9 अरब दस्तावेज डिजिटल सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने वाले प्रमुख आधार हैं।

इस बदलाव में स्मार्टफोन की भूमिका भी बढ़ी है। मोबाइल के जरिए लोग बैंकिंग, भुगतान, क्रेडिट और निवेश जैसी सेवाओं तक पहुंच बना रहे हैं।

5जी के लिए पांच लाख से अधिक बेस स्टेशन

देश में 5जी नेटवर्क के विस्तार के लिए पांच लाख से अधिक बेस स्टेशन लगाए गए हैं। सरकार के अनुसार, डेटा की कीमत भी घटकर करीब 10 सेंट प्रति जीबी रह गई है, जिससे डिजिटल सेवाओं की पहुंच अपेक्षाकृत सस्ती हुई है।

डिजिटल भारत निधि के माध्यम से दूरसंचार कनेक्टिविटी से वंचित 34 हजार गांवों में करीब 22 हजार टावर लगाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य इन गांवों में मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।

डिजिटल विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा की चुनौती

डिजिटल वित्त के बढ़ते इस्तेमाल के साथ धोखाधड़ी रोकने पर भी जोर दिया जा रहा है। एआई आधारित ‘एएसटीआर’ की मदद से 88 लाख से अधिक संदिग्ध मोबाइल कनेक्शन बंद करने में मदद मिलने की जानकारी दी गई है।

‘फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर’ संदिग्ध लेन-देन की पहचान कर धोखाधड़ी वाले भुगतान को रोकने में मदद करता है। डिजिटल वित्त के अगले चरण में एआई के इस्तेमाल के साथ सुरक्षा और भरोसे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्वदेशी 4जी स्टैक से 6जी की ओर बढ़ता भारत

भारत ने अपना स्वदेशी 4जी दूरसंचार स्टैक तैयार कर लिया है और 5जी पर काम जारी है। देश का 6जी मिशन भी शुरू हो चुका है, जिसमें वैश्विक 6जी पेटेंट में 10 प्रतिशत योगदान और 6जी मानकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का लक्ष्य रखा गया है।

इन आंकड़ों और पहलों का उल्लेख केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल 2026 में किया।

पाठकों की पसंद

सबसे अधिक पढ़े गए

पिछले 7 दिनों के आधार पर