प्रत्यक्ष कर संग्रह 23% बढ़ा, 10 अगस्त तक 8.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक जुटे

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गैर-कॉरपोरेट टैक्स संग्रह में तेज बढ़ोतरी, 1.43 लाख करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड जारी

नई दिल्ली, 12 अगस्त 2026। चालू वित्त वर्ष 2026-27 में प्रत्यक्ष कर संग्रह में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। आयकर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 10 अगस्त 2026 तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 8.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के शुद्ध संग्रह की तुलना में 23.09 प्रतिशत अधिक है।

शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह में 2.70 लाख करोड़ रुपये से अधिक कॉरपोरेट टैक्स और करीब 5.07 लाख करोड़ रुपये गैर-कॉरपोरेट टैक्स शामिल है। गैर-कॉरपोरेट टैक्स में व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF), फर्मों और अन्य संस्थाओं से प्राप्त कर शामिल होते हैं। उपलब्ध रिपोर्टिंग के मुताबिक पिछले वर्ष इसी अवधि में गैर-कॉरपोरेट टैक्स संग्रह करीब 4.11 लाख करोड़ रुपये था।

1.43 लाख करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड

आयकर विभाग ने इस अवधि में करदाताओं को 1.43 लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनवापसी भी की है। रिफंड के बाद शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 8.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा।

सकल संग्रह भी 19% से अधिक बढ़ा

विभाग के अनुसार, सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 9.54 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 19 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।

इस तरह चालू वित्त वर्ष के शुरुआती महीनों में प्रत्यक्ष कर राजस्व में दोहरे अंक की वृद्धि बनी हुई है। शुद्ध संग्रह में गैर-कॉरपोरेट कर की हिस्सेदारी उल्लेखनीय रही है।

पिछले साल की तुलना में कितना बढ़ा?

10 अगस्त 2025 की समान अवधि में शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह करीब 6.59 लाख करोड़ रुपये था, जो इस साल बढ़कर 8.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। यानी एक साल में शुद्ध संग्रह में लगभग 1.52 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

आयकर विभाग के ये आंकड़े वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान अब तक के प्रत्यक्ष कर संग्रह की स्थिति दर्शाते हैं। वर्ष की आगे की अवधि में संग्रह के आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।

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