SECR Safety Seminar 2026: ‘सुरक्षित नहीं तो सही भी नहीं’

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GM तरुण प्रकाश ने सुरक्षा संस्कृति पर दिया जोर


बिलासपुर, 27 जुलाई 2026। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) मुख्यालय, बिलासपुर में सोमवार को आयोजित क्षेत्रीय संरक्षा संगोष्ठी में रेल संचालन में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने कहा कि “यदि कोई कार्य सुरक्षित ढंग से नहीं किया जा सकता, तो वह कार्य सही ढंग से किया ही नहीं जा सकता।”


मुख्यालय के न्यू ऑडिटोरियम में सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक चली इस संगोष्ठी में प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी अनूप सतपथी, तीनों मंडलों—बिलासपुर, रायपुर और नागपुर के मंडल रेल प्रबंधक, प्रमुख विभागाध्यक्ष, अधिकारी, सेफ्टी काउंसलर तथा विभिन्न विभागों के रेल कर्मचारियों ने भाग लिया।
महाप्रबंधक ने कहा कि रेल दुर्घटनाएं अक्सर बड़ी तकनीकी विफलताओं से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी लापरवाहियों, नियमों की अनदेखी और क्षणिक असावधानी से होती हैं। इसलिए दुर्घटना होने के बाद समीक्षा करने के बजाय संभावित जोखिमों की पहले से पहचान कर उनका समाधान करना अधिक जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों और पर्यवेक्षकों से नियमित सेफ्टी काउंसलिंग, कर्मचारियों के सतत प्रशिक्षण और असुरक्षित परिस्थितियों की तत्काल रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने का आह्वान किया।


संगोष्ठी के दो तकनीकी सत्रों में इंजीनियरिंग, परिचालन, सिग्नल एवं दूरसंचार, विद्युत और मैकेनिकल विभागों ने अपने अनुभव साझा किए। इंजीनियरिंग विभाग ने ट्रैक, पुल, टर्नआउट के वैज्ञानिक अनुरक्षण, यूएसएफडी परीक्षण तथा आधुनिक ट्रैक मशीनों के उपयोग पर प्रस्तुति दी। सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग ने प्वाइंट मशीनों के निवारक अनुरक्षण और सेफ्टी इंटरलॉकिंग की विश्वसनीयता पर जोर दिया।
मैकेनिकल विभाग ने हॉट एक्सल बॉक्स डिटेक्टर अलर्ट, ट्रेन पार्टिंग की रोकथाम और अग्नि सुरक्षा प्रबंधन पर जानकारी दी। वहीं विद्युत विभाग ने सिग्नल पास्ड एट डेंजर (SPAD) की रोकथाम, ओएचई सुरक्षा और लोको पायलटों की सुरक्षित कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की। परिचालन विभाग ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता बताई।
संगोष्ठी के दौरान पैनल चर्चा में अधिकारियों और रेल कर्मचारियों ने जोखिम प्रबंधन, दुर्घटना निवारण और संरक्षा संस्कृति को मजबूत बनाने के लिए व्यावहारिक सुझाव भी दिए। समापन सत्र में इस बात पर सहमति जताई गई कि उच्च गुणवत्ता वाला निर्माण, वैज्ञानिक अनुरक्षण, समय पर निरीक्षण, आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग और विभागों के बीच बेहतर समन्वय ही सुरक्षित रेल संचालन की बुनियाद है।
अपने समापन संबोधन में महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से सुरक्षा नियमों का शत-प्रतिशत पालन करने, किसी भी असुरक्षित स्थिति की अनदेखी न करने तथा कार्यस्थल पर सुरक्षा संस्कृति को मजबूत बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने महात्मा गांधी के विचार—”भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि आज हम क्या करते हैं”—का उल्लेख करते हुए कहा कि आज की सुरक्षित कार्य संस्कृति ही यात्रियों और रेलवे का सुरक्षित भविष्य तय करेगी।

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