महासंघ ने सरकार से मांगा प्रतिनिधित्व
रायपुर, 28 जुलाई 2026 (वाय के न्यूज)। राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित कैशलेस चिकित्सा योजना में पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को भी शामिल करने की मांग उठने लगी है। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ ने योजना का स्वागत करते हुए इसे सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए भी लागू करने की मांग की है।
महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने मंगलवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 29 जुलाई को स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में कैशलेस चिकित्सा योजना को लेकर कर्मचारी संगठनों से सुझाव लेने के लिए बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में पेंशनर्स महासंघ को भी आमंत्रित किया जाना चाहिए, ताकि पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों से जुड़े सुझाव रखे जा सकें।
उन्होंने बताया कि महासंघ ने 10 जुलाई 2026 को मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन को ज्ञापन सौंपकर पेंशनरों को भी प्रस्तावित योजना में शामिल करने की मांग की थी। महासंघ के अनुसार, इस विषय पर मंत्रालय में चर्चा के दौरान मुख्य सचिव ने पेंशनरों को योजना में शामिल करने के संबंध में सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया था।

वीरेंद्र नामदेव ने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें बढ़ जाती हैं। ऐसे में पेंशनरों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना आवश्यक है।
महासंघ ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया से भी आग्रह किया है कि प्रस्तावित योजना में पेंशनरों को शामिल करने पर विचार किया जाए और महासंघ को सुझाव देने का अवसर दिया जाए।
महासंघ के प्रदेश महामंत्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों के हितों को ध्यान में रखते हुए कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ उन्हें भी प्रदान करने का निर्णय लेगी।
मुख्य बिंदु:
- कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित है कैशलेस चिकित्सा योजना
- पेंशनर्स महासंघ ने पेंशनरों को भी दायरे में लाने की मांग की
- 29 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग की बैठक में सुझाव लिए जाएंगे
- महासंघ ने बैठक में प्रतिनिधित्व देने का आग्रह किया
