2023 में हटाया गया था नीलामी से, राज्य के दिसंबर 2025 के पत्र के बाद सीमा संशोधित कर फिर शामिल किया गया
नई दिल्ली, 11 सितंबर। वाय के न्यूज़। तारा (संशोधित) कोयला ब्लॉक की नीलामी को लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्टों पर कोयला मंत्रालय ने स्पष्टीकरण जारी किया है। मंत्रालय ने कहा है कि मौजूदा स्थिति को 2023 से दिसंबर 2025 के बीच हुए घटनाक्रम के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
2023 में नीलामी से हटाया गया
तारा कोयला ब्लॉक को 2023 में वाणिज्यिक कोयला खदानों की नीलामी के सातवें दौर में पेश किया गया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से हसदेव अरण्य क्षेत्र के कोयला ब्लॉकों को नीलामी से बाहर रखने संबंधी पत्र मिलने पर इसे सूची से हटा दिया गया।
इसके बाद लेमरू हाथी कॉरिडोर के दायरे में आने वाले हसदेव अरण्य क्षेत्र के कोयला ब्लॉकों को नीलामी के अगले चरणों में शामिल नहीं किया गया।
राज्य के पत्र के बाद बदली सीमा
मंत्रालय के अनुसार, 11 दिसंबर 2025 को छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से तारा ब्लॉक को अगली नीलामी में शामिल करने के संबंध में पत्र मिला। इसमें कहा गया था कि यह क्षेत्र लेमरू हाथी कॉरिडोर के बाहर है और इसे अगले चरण में पेश किया जा सकता है।
इसके बाद लेमरू हाथी कॉरिडोर के प्रभाव वाले हिस्से को हटाकर ब्लॉक की सीमा संशोधित की गई। संशोधित क्षेत्र को वाणिज्यिक कोयला खदानों की नीलामी के 15वें दौर में शामिल किया गया।
नौ बोलियां, 37.50 प्रतिशत राजस्व हिस्सेदारी
मंत्रालय के मुताबिक, 15वें दौर में इसके लिए नौ बोलियां प्राप्त हुईं और नीलामी 37.50 प्रतिशत राजस्व हिस्सेदारी पर हुई।
मंत्रालय का अनुमान है कि इससे छत्तीसगढ़ को सालाना 1,200 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व मिल सकता है और 8,000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
कोयला मंत्रालय ने कहा है कि हाल की कुछ रिपोर्टों में 2023 के बाद हुए इन घटनाक्रमों को शामिल नहीं किया गया, जिसके कारण नीलामी की पूरी पृष्ठभूमि सामने नहीं आई।
