महासमुंद में 190 रुपये का पाव 200 में बेचने पर कार्रवाई; भानुप्रतापपुर मामले के दो अधिकारियों के बाद निलंबित होने वालों की संख्या तीन
रायपुर, 10 सितंबर। वाय के न्यूज़।
प्रदेश में शराब की तय कीमत से अधिक वसूली और अवैध शराब से जुड़े मामलों में आबकारी विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई जारी है। महासमुंद में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बेचने की पुष्टि के बाद आबकारी उप निरीक्षक नितेश सिंह बैस को निलंबित किया गया है। इसके साथ ही भानुप्रतापपुर में शराब से जुड़ी सामग्री की बड़ी बरामदगी के मामले में निलंबित किए गए दो अधिकारियों को मिलाकर कार्रवाई की संख्या तीन हो गई है।
190 रुपये का पाव 200 में बेचा
राज्य स्तरीय उड़नदस्ते ने 7 सितंबर को महासमुंद जिले की तुमा डबरी (बेमचा) स्थित कम्पोजिट मदिरा दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया। छद्म ग्राहक के जरिए कराई गई खरीद में बैगपाइपर व्हिस्की का एक पाव 190 रुपये की निर्धारित दर के बजाय 200 रुपये में बेचा गया।
इसके बाद दूसरी खरीद कराई गई तो दूसरे विक्रेता ने भी यही शराब 200 रुपये में दी। यानी दो पाव के लिए 380 रुपये की जगह 400 रुपये वसूले गए और कुल 20 रुपये अधिक लिए गए।
दोनों विक्रेताओं के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39 (ग) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
दुकान प्रभारी पर भी कार्रवाई
तुमा डबरी मदिरा दुकान नितेश सिंह बैस के प्रभार क्षेत्र में थी। विभाग ने अधिक कीमत पर बिक्री को क्षेत्रीय निगरानी में कमी और नियंत्रण की शिथिलता से जोड़ते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग संभाग का कार्यालय निर्धारित किया गया है।
भानुप्रतापपुर मामले का फॉलोअप
भानुप्रतापपुर में बड़ी मात्रा में शराब से जुड़ी सामग्री मिलने की खबर यदा कदा.in पहले ही सामने ला चुका है। अब उस मामले में आबकारी विभाग ने अपने ही अमले की जवाबदेही तय करते हुए दो अधिकारियों को निलंबित किया है।
बसंत नगर के एक बंद किराए के मकान से पुलिस ने 4409 खाली शराब की बोतलें और पाव, 105 पत्ता स्टीकर-होलोग्राम और 3380 ढक्कन बरामद किए थे। वहां जम्मू स्पेशल व्हिस्की के 30 भरे हुए पाव भी मिले थे।
रानू मरकाम और मधुकर श्याम हरित निलंबित
बरामदगी भानुप्रतापपुर क्षेत्र की आबकारी उप निरीक्षक रानू मरकाम के प्रभार क्षेत्र में हुई थी। विभाग ने क्षेत्र में इतनी बड़ी मात्रा में सामग्री मिलने को गंभीर मानते हुए उन्हें कर्तव्य के प्रति लापरवाही और प्रभावी निगरानी के अभाव के आधार पर निलंबित किया है।
इसी मामले में सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय के प्रभारी मधुकर श्याम हरित को भी प्रथम दृष्टया लापरवाही और प्रभावी पर्यवेक्षण के अभाव के आधार पर निलंबित किया गया है।
दो अधिकारियों से जवाब तलब
महासमुंद के मामले में सहायक जिला आबकारी अधिकारी दीपक ठाकुर और अजय कुमार पाण्डेय को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। दोनों अधिकारियों से सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।
आबकारी विभाग की हालिया कार्रवाई में एक तरफ शराब की निर्धारित कीमत से अधिक वसूली पर दुकान स्तर की निगरानी सवालों में आई है, तो दूसरी तरफ भानुप्रतापपुर की बरामदगी ने क्षेत्रीय पर्यवेक्षण को लेकर विभागीय जवाबदेही सामने ला दी है।
