महासंघ ने फिर उठाया 2 प्रतिशत डीए-डीआर का मुद्दा, 88 माह का एरियर मांगा

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1 जनवरी 2026 से बकाया महंगाई राहत एरियर सहित देने की मांग

रायपुर, 10 सितंबर। वाय के न्यूज़।

भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ ने प्रदेश के पेंशनरों और परिवार पेंशनरों को केंद्र के समान 2 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई राहत (डीआर) देने की मांग दोहराई है। महासंघ ने 1 जनवरी 2026 से बकाया डीआर का एरियर सहित भुगतान करने की मांग की है।

महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर को 2 प्रतिशत डीआर की घोषणा करने का आग्रह किया है। उन्होंने इसे विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए ‘मोदी की गारंटी’ के वादे से भी जोड़ा है।

88 माह के एरियर का भी मुद्दा

नामदेव ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से कर्मचारियों और पेंशनरों के 88 माह के डीए-डीआर एरियर का भुगतान लंबित है। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा 1 जनवरी 2026 से देय अतिरिक्त 2 प्रतिशत डीए-डीआर का भुगतान भी प्रदेश के पेंशनरों को अब तक नहीं मिला है।

उन्होंने कहा कि कर्मचारी और पेंशनर लंबे समय से केंद्र के समान महंगाई भत्ता और महंगाई राहत की मांग कर रहे हैं। बढ़ती महंगाई के बीच भुगतान में देरी से उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

डीआर जारी करने में देरी खत्म करने की मांग

महासंघ के अनुसार पेंशनरों को डीआर देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार से सहमति प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार को अपने स्तर पर डीआर घोषित करने में अब कोई बाधा नहीं रहनी चाहिए।

प्रदेश महामंत्री अनिल गोल्हानी, प्रवीण कुमार त्रिवेदी और संगठन मंत्री टीपी सिंह ने भी मुख्यमंत्री से 2 प्रतिशत डीआर की घोषणा कर 1 जनवरी 2026 से एरियर सहित भुगतान का आदेश जारी करने का आग्रह किया है।

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