CGPSC में 795 की जगह 608 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए चयनित, आयोग ने बताई वजह

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रायपुर, 4 सितंबर, वाय के न्यूज। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के परिणाम को लेकर उठ रहे सवालों के बीच आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। 795 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित किया जाना था, लेकिन केवल 608 अभ्यर्थी ही इंटरव्यू के लिए पात्र पाए गए। आयोग के मुताबिक 187 अभ्यर्थी निर्धारित न्यूनतम अर्हकारी अंक हासिल नहीं कर सके, इसलिए साक्षात्कार के लिए संख्या कम रह गई।

आयोग ने कहा है कि यह कमी किसी त्रुटि का परिणाम नहीं है। राज्य सेवा परीक्षा के नियमों के तहत प्रत्येक प्रश्न-पत्र में अनारक्षित वर्ग के लिए कम से कम 33 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के लिए 23 प्रतिशत अंक हासिल करना अनिवार्य है। जिन अभ्यर्थियों ने यह न्यूनतम अंक हासिल नहीं किए, उन्हें साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित नहीं किया गया।

795 के बजाय 608, 187 अभ्यर्थी बाहर

मुख्य परीक्षा के परिणाम में निर्धारित संख्या से कम अभ्यर्थियों के साक्षात्कार के लिए चुने जाने के बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे थे। आयोग ने इन चर्चाओं को लेकर कहा कि नियमों के मुताबिक पात्र अभ्यर्थी नहीं मिलने पर निर्धारित संख्या पूरी करना अनिवार्य नहीं है।

इस परीक्षा में इसी वजह से 795 की निर्धारित संख्या के मुकाबले 608 अभ्यर्थी साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित किए गए हैं।

कॉपियों की री-चेकिंग नहीं होगी

CGPSC ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा में पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना का प्रावधान नहीं है। विज्ञापन की कंडिका 11(V) के तहत आयोग की परीक्षाओं में किसी प्रश्न-पत्र की दोबारा जांच या अंकों की पुनर्गणना नहीं की जाती।

आयोग ने कहा है कि परिणाम जारी होने के बाद प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के प्राप्तांकों की मेरिट सूची तथा मुख्य परीक्षा की कटऑफ वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। अभ्यर्थी सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्रारंभिक परीक्षा की ओएमआर उत्तर पत्रक और मुख्य परीक्षा की प्रश्न-सह-उत्तर पुस्तिका की प्रति भी प्राप्त कर सकते हैं।

प्रश्नवार और पहचान रहित मूल्यांकन का दावा

आयोग के अनुसार मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन प्रश्नवार और पहचान रहित तरीके से कराया जाता है। मूल्यांकनकर्ताओं को यह जानकारी नहीं होती कि जिस उत्तर पुस्तिका का वे मूल्यांकन कर रहे हैं, वह किस अभ्यर्थी की है।

आयोग ने कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में बड़ी संख्या में विषय विशेषज्ञ शामिल होते हैं और निर्धारित नियमों व प्रक्रियाओं के जरिए गोपनीयता तथा निष्पक्षता सुनिश्चित की जाती है।

सोशल मीडिया की अफवाहों से बचने की अपील

आयोग ने अभ्यर्थियों से सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों और भ्रामक जानकारियों से प्रभावित नहीं होने की अपील की है। आयोग का कहना है कि राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 में साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों का चिन्हांकन निर्धारित नियमों और निर्देशों के अनुरूप किया गया है।

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