2% डीआर एरियर की मांग तेज: रायपुर और जगदलपुर में पेंशनर्स ने सौंपे ज्ञापन, 19 अगस्त को होगा दूसरा चरण

यह समाचार साझा करें

WhatsApp Facebook X

पढ़ने की सुविधा

अपनी सुविधा के अनुसार अक्षर और कंट्रास्ट चुनें।

अक्षर आकार

रायपुर, 05 अगस्त 2026, वाय के न्यूज। केंद्र सरकार के समान जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत महंगाई राहत (डीआर) का एरियर सहित भुगतान किए जाने की मांग को लेकर भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ ने चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है। बुधवार को रायपुर और जगदलपुर सहित विभिन्न स्थानों पर पेंशनर्स ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम ज्ञापन सौंपकर लंबित डीआर एरियर का भुगतान जल्द जारी करने की मांग की।

भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रांत के आह्वान पर रायपुर जिला इकाई ने जिला अध्यक्ष आर.जी. बोहरे के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर की अनुपस्थिति में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी यू.एस. बंदे को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राज्य के पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान जनवरी 2026 से देय 2 प्रतिशत महंगाई राहत (डीआर) एरियर सहित भुगतान का आदेश जारी करने की मांग की गई।

जिला सचिव ओ.डी. शर्मा ने बताया कि आंदोलन के दूसरे चरण में 19 अगस्त 2026 (बुधवार) को संभागीय मुख्यालयों में संभागीय अध्यक्षों के नेतृत्व में संभाग आयुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

रायपुर में आयोजित ज्ञापन कार्यक्रम में प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे.पी. मिश्रा, महामंत्री अनिल गोल्हानी, प्रवीण कुमार त्रिवेदी, संभागीय अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार सिन्हा, एम.एन. पाठक, बी.एस. दसमेर, आर.के. दीक्षित, अनिल पाठक, अनिल तिवारी, आर.पी. बंछोर, एन.के. कन्नौजे, पी.आर. काटोलकर, भगवती प्रसाद वर्मा, मुद्रिका प्रसाद कुशवाहा, बाबूलाल ढीमर सहित बड़ी संख्या में पेंशनर्स उपस्थित रहे।

इससे पहले जगदलपुर में भी महासंघ की संभागीय इकाई ने संभागीय अध्यक्ष आर.एन. ताटी, सचिव किशोर जाधव, प्रदेश उपाध्यक्ष अब्दुल सत्तार खान, मंत्री शिव कुमार मिश्रा, जिला अध्यक्ष आनिंद्य कुमार बागची और सचिव एल.एस. नाग के नेतृत्व में रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यहां भी पेंशनर्स ने जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत डीआर एरियर का भुगतान और केंद्र के समान महंगाई राहत देने की मांग दोहराई।

महासंघ का कहना है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो चरणबद्ध आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा।

पाठकों की पसंद

सबसे अधिक पढ़े गए

पिछले 7 दिनों के आधार पर