भाटापारा–हथबंद रेलखंड में शुरू हुई ऑटोमेटिक सिग्नलिंग, बढ़ेगी ट्रेनों की आवाजाही

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रायपुर, 7 अगस्त, वाय के न्यूज । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल ने रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित, तेज और दक्ष बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंडल के भाटापारा–हथबंद रेलखंड में 24 जुलाई 2026 से आधुनिक ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली शुरू कर दी गई है। इससे इस व्यस्त रेलखंड की संचालन क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों का आवागमन पहले की तुलना में अधिक सुगम एवं समयबद्ध होगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पहले इस सेक्शन में इंटरमीडिएट ब्लॉक (आईबी) प्रणाली लागू थी। इस व्यवस्था में प्रत्येक ट्रेन के संचालन से पहले दोनों स्टेशनों के स्टेशन मास्टरों को आपस में संपर्क कर “लाइन क्लियर” लेना और देना पड़ता था। इसके बाद ही सिग्नल दिए जाते थे।

नई ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली लागू होने के बाद अब यह प्रक्रिया स्वतः संचालित होगी। ट्रैक सर्किट और एक्सल काउंटर के माध्यम से ट्रैक की वास्तविक स्थिति के अनुसार सिग्नल अपने आप संचालित होंगे। इससे लाइन क्लियर लेने-देने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी, ट्रेनों की आवाजाही में विलंब कम होगा और एक ही रेलखंड पर अधिक ट्रेनों का सुरक्षित संचालन संभव हो सकेगा।

रेलवे का कहना है कि इस तकनीकी उन्नयन से बिना किसी नए ट्रैक का निर्माण किए मौजूदा रेलखंड की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे यात्रियों के साथ-साथ मालगाड़ियों के परिचालन को भी गति मिलेगी।

रायपुर रेल मंडल में इससे पहले दुर्ग–मांढर और दाधापारा–हथबंद रेलखंडों में ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली लागू की जा चुकी है। अब अगले चरण में मांढर–हथबंद तथा रायपुर–लखोली रेलखंडों में भी यह प्रणाली लागू करने की तैयारी है।

रेल मंडल का कहना है कि आधुनिक सिग्नलिंग और उन्नत तकनीक के माध्यम से रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने तथा यात्रियों और माल परिवहन के लिए सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय सेवाएं उपलब्ध कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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