छत्तीसगढ़ के रेल बजट में 24 गुना बढ़ोतरी, 48,202 करोड़ की 36 रेल परियोजनाओं पर काम जारी

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2026-27 में 7,470 करोड़ का प्रावधान; 12 वर्षों में 1,311 किमी नए ट्रैक, बस्तर-सरगुजा समेत दूरस्थ क्षेत्रों तक रेल नेटवर्क विस्तार पर जोर

नई दिल्ली/रायपुर, 7 अगस्त 2026, वाय के न्यूज। छत्तीसगढ़ में रेलवे अवसंरचना के विस्तार को अभूतपूर्व गति मिली है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए राज्य में रेलवे अवसंरचना और सुरक्षा संबंधी कार्यों हेतु 7,470 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। यह वर्ष 2009-14 के दौरान औसतन 311 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष के बजट आवंटन की तुलना में लगभग 24 गुना अधिक है।

राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि राज्य में नई रेल लाइनों, दोहरीकरण, यात्री सुविधाओं और माल परिवहन क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किए जा रहे हैं। विशेष ध्यान आदिवासी, पिछड़े, खनिज बहुल और दूरस्थ क्षेत्रों को बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।

36 परियोजनाओं पर निर्माण कार्य, लागत 48,202 करोड़ रुपये

रेल मंत्रालय के अनुसार 1 अप्रैल 2026 की स्थिति में छत्तीसगढ़ में 36 रेल परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इनमें 8 नई रेल लाइन तथा 28 दोहरीकरण परियोजनाएँ शामिल हैं। इनकी कुल लंबाई 2,398 किलोमीटर और स्वीकृत लागत 48,202 करोड़ रुपये है। इनमें से 1,151 किलोमीटर का कार्य पूरा कर परिचालन शुरू किया जा चुका है, जबकि मार्च 2026 तक लगभग 18,833 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं।

ट्रैक निर्माण की रफ्तार 17 गुना बढ़ी

रेल मंत्री के अनुसार वर्ष 2014 से 2026 के बीच राज्य में 1,311 किलोमीटर नए रेल ट्रैक का निर्माण और परिचालन शुरू किया गया। इस अवधि में औसतन 109.29 किलोमीटर प्रतिवर्ष ट्रैक तैयार हुआ, जबकि वर्ष 2009-14 के दौरान यह औसत केवल 6.4 किलोमीटर प्रतिवर्ष था। इस प्रकार ट्रैक निर्माण की गति में लगभग 17 गुना वृद्धि दर्ज की गई।

पूरी हुईं कई महत्वपूर्ण परियोजनाएँ

हाल के वर्षों में राज्य में कई बड़ी रेल परियोजनाएँ पूरी हुई हैं। इनमें दल्लीराजहरा–रावघाट (95 किमी) नई रेल लाइन, चांपा–झारसुगुड़ा तीसरी रेल लाइन (152 किमी), रायपुर–टिटलागढ़ दोहरीकरण (203 किमी) तथा खरसिया–कोरिछापर (43 किमी) नई रेल लाइन प्रमुख हैं। इन परियोजनाओं से खनिज परिवहन, औद्योगिक गतिविधियों और यात्री रेल संचालन को मजबूती मिली है।

कई बड़ी परियोजनाएं

राज्य में कई रणनीतिक महत्व की रेल परियोजनाओं पर निर्माण कार्य जारी है। इनमें खरसिया–नया रायपुर–परमलकसा नई दोहरी रेल लाइन (278 किमी), गेवरा रोड–पेंड्रा रोड नई रेल लाइन (135 किमी), रावघाट–जगदलपुर नई रेल लाइन (140 किमी) तथा खरसिया–धरमजयगढ़ नई रेल लाइन (122 किमी) शामिल हैं।

रेल मंत्रालय के अनुसार खरसिया–नया रायपुर–परमलकसा परियोजना से बिलासपुर–रायपुर–दुर्ग के व्यस्त रेल मार्ग पर दबाव कम होगा तथा मालगाड़ियों के संचालन में तेजी आएगी। वहीं रावघाट–जगदलपुर रेल लाइन बस्तर क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी।

दूरस्थ क्षेत्रों तक रेल पहुंचाने की तैयारी

राज्य में रेल नेटवर्क का विस्तार उन क्षेत्रों तक करने की योजना है, जहां अभी रेल सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके लिए 2,455 किलोमीटर लंबाई के 14 फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) स्वीकृत किए गए हैं।

अंबिकापुर–रामानुजगंज–गढ़वा रोड/बरवाडीह (262 किमी), सरडेगा–पत्थलगांव–अंबिकापुर (218 किमी) तथा धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा (292 किमी) रेल मार्गों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा चुकी है। वहीं गड़चिरोली–बीजापुर–बचेली (490 किमी), कोठागुडेम–किरंदुल (180 किमी) तथा धमतरी–बांसकोट–अमरावती–कोंडागांव (183 किमी) रेल मार्गों का सर्वेक्षण जारी है।

यात्री सुविधाओं का विस्तार

यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए छत्तीसगढ़ के लिए 18 प्रमुख रेल सेवाएँ शुरू की गई हैं। राज्य से वर्तमान में दुर्ग–विशाखापत्तनम तथा बिलासपुर–नागपुर के बीच दो जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस संचालित हो रही हैं। इसके अलावा उधना–ब्रह्मपुर अमृत भारत एक्सप्रेस का भी संचालन किया जा रहा है। क्षेत्रीय संपर्क मजबूत करने के लिए रायपुर मंडल सहित विभिन्न मार्गों पर मेमू और डेमू सेवाओं का भी विस्तार किया गया है।

चुनौतियों के बावजूद जारी है काम

रेल मंत्री ने कहा कि रेल परियोजनाओं के क्रियान्वयन में भूमि अधिग्रहण, वन एवं पर्यावरण स्वीकृतियां, उपयोगिताओं के स्थानांतरण और भौगोलिक परिस्थितियों जैसी कई चुनौतियां आती हैं। इसके बावजूद भारतीय रेल राज्य में लंबित परियोजनाओं को चरणबद्ध ढंग से पूरा करने और आधुनिक रेल अवसंरचना विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

फैक्ट बाक्स

वार्षिक रेल बजट (2009-14): ₹311 करोड़
वार्षिक रेल बजट (2026-27): ₹7,470 करोड़
वृद्धि: 24 गुना
निर्माणाधीन परियोजनाएँ: 36
कुल लंबाई: 2,398 किमी
स्वीकृत लागत: ₹48,202 करोड़
अब तक खर्च: ₹18,833 करोड़
परिचालन शुरू: 1,151 किमी
2014 के बाद नए ट्रैक: 1,311 किमी

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