नई दिल्ली, 5 अगस्त 2026, वाय के न्यूज। केंद्र सरकार ने कहा है कि पिछले 12 वर्षों में देश के रसायन और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में निवेश, उत्पादन और कौशल विकास के मोर्चे पर उल्लेखनीय प्रगति हुई है। सरकार के अनुसार, देश के तीन पेट्रोलियम, रसायन और पेट्रोकेमिकल निवेश क्षेत्र (PCPIR) अब तक 3.4 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित कर चुके हैं और इनके जरिए करीब 3.7 लाख लोगों को रोजगार मिला है।
सरकार ने हाल ही में ‘भव्य रसायन योजना’ के तहत तीन नए केमिकल पार्क स्थापित करने को भी मंजूरी दी है। इस योजना पर 3,030 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इससे घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा, आयात पर निर्भरता घटेगी और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा मजबूत होगी।
रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग के अनुसार, गुजरात के दहेज, आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम-काकीनाडा और ओडिशा के पारादीप स्थित PCPIR क्षेत्रों में अब तक 2,200 से अधिक रासायनिक विनिर्माण इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं।
सरकार ने यह भी बताया कि 2014 से 2026 के बीच रसायन क्षेत्र में 1.04 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आया, जो 2004-2014 की तुलना में दोगुने से अधिक है।
प्लास्टिक उद्योग को बढ़ावा देने के लिए देश में 10 प्लास्टिक पार्क स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से चार का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं, 18 उत्कृष्टता केंद्रों ने 85 पेटेंट दाखिल किए हैं और 105 नई प्रौद्योगिकियां एवं उत्पाद विकसित किए हैं।
केंद्रीय पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (CIPET) का नेटवर्क बढ़कर 51 केंद्रों तक पहुंच गया है। संस्थान अब तक 6.72 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित कर चुका है।
सरकार ने यह भी बताया कि किसानों के बीच कीटनाशकों के सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए देशभर में 250 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे एक लाख से अधिक किसान लाभान्वित हुए। इसके अलावा, खतरनाक रसायनों के सुरक्षित संचालन के लिए औद्योगिक इकाइयों के कर्मचारियों का भी विशेष प्रशिक्षण चलाया जा रहा है।
यह जानकारी रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग ने बुधवार को जारी एक आधिकारिक विवरण में दी।
