नई दिल्ली, 5 अगस्त 2026, वाय के न्यूज। भारत सरकार ने विदेश व्यापार नीति (FTP) 2023 के तहत इन्वेंट्री-आधारित सीमा पार ई-कॉमर्स निर्यात ढांचा लागू कर दिया है। नई व्यवस्था का उद्देश्य भारतीय निर्माताओं, कारीगरों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए विदेशों में ऑनलाइन सामान बेचना आसान बनाना है।
नई नीति के तहत पंजीकृत निर्यातक (Exporter on Record) विदेशी ग्राहकों के ऑर्डर मिलने के बाद भारतीय विक्रेताओं से सामान खरीदेंगे और अपने नाम से उसका निर्यात करेंगे। निर्यात से जुड़ी दस्तावेजी प्रक्रिया, सीमा शुल्क, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और गंतव्य देश के नियमों का पालन करने की जिम्मेदारी भी इन्हीं पंजीकृत निर्यातकों की होगी। इससे छोटे कारोबारियों को जटिल निर्यात प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्यात के लिए सामान केवल पुष्ट ऑर्डर मिलने के बाद ही खरीदा जाएगा। घरेलू बाजार में इस माल की बिक्री की अनुमति नहीं होगी और हर शिपमेंट का डिजिटल रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और ट्रैक की जा सके।
नई व्यवस्था में भारतीय विक्रेताओं को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का भी प्रावधान किया गया है। साथ ही उन्हें अपने उत्पाद की अंतिम बिक्री कीमत, ऑर्डर की स्थिति और शिपमेंट की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। निर्यात से मिलने वाले प्रोत्साहन और अन्य लाभ भी निर्धारित नियमों के अनुसार विक्रेताओं तक पहुंचाए जाएंगे।
केंद्र सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से भारतीय उत्पादों की वैश्विक ई-कॉमर्स बाजार में पहुंच बढ़ेगी और विशेष रूप से MSME, स्टार्टअप तथा पारंपरिक कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कारोबार बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
