हर जिला अपनी परिस्थितियों के अनुसार बनाए अपना-अपना विकास मॉडल: साय

यह समाचार साझा करें

WhatsApp Facebook X

पढ़ने की सुविधा

अपनी सुविधा के अनुसार अक्षर और कंट्रास्ट चुनें।

अक्षर आकार

मुख्यमंत्री ने हिवड़े बाजार, चित्रकूट और कीट मॉडल से प्रेरणा लेकर स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास की रणनीति बनाने के दिए निर्देश

रायपुर, 27 जुलाई 2026, वाय के न्यूज। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के सभी जिलों को अपनी स्थानीय परिस्थितियों, उपलब्ध संसाधनों और जरूरतों के अनुरूप अपना-अपना विकास मॉडल तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गांवों का समग्र विकास ही विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करेगा और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सुशासन की सबसे बड़ी कसौटी है।

मुख्यमंत्री ने जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से पद्मश्री पोपटराव पवार के हिवड़े बाजार मॉडल, नानाजी देशमुख के चित्रकूट ग्राम विकास मॉडल तथा डॉ. अच्युत सामंत के शिक्षा आधारित सामाजिक परिवर्तन मॉडल से प्रेरणा लेने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन मॉडलों की नकल करने के बजाय प्रत्येक जिला अपनी भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप अपना-अपना विकास मॉडल तैयार करे, ताकि स्थायी और समावेशी विकास सुनिश्चित किया जा सके।

नवा रायपुर स्थित एसआईआरडी परिसर, निमोरा में आयोजित जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की इकाई नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाना होगा। उन्होंने अधिकारियों से ऐसे गांवों की पहचान करने को कहा, जहां जनभागीदारी, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रभावी योजना क्रियान्वयन के जरिए आदर्श विकास मॉडल विकसित किए जा सकें।

मुख्यमंत्री ने विकसित भारत जी राम जी योजना, लखपति दीदी अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ गांव-गांव तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संरक्षण, कृषि, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका और सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण को प्राथमिकता देने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करने को कहा।

साय ने बताया कि प्रदेश में अब तक 10.40 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने अधिकारियों को पात्र महिलाओं को स्व-सहायता समूहों, कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़कर बड़ी संख्या में करोड़पति दीदी बनाने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए। साथ ही बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क, बिजली, आवास, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में तेजी लाने पर भी जोर दिया।

बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, संचालक प्रियंका ऋषि महोबिया, सेवानिवृत्त आईएएस अमरजीत सिन्हा, पद्मश्री पोपटराव पवार तथा प्रदेश के सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित थे।

पाठकों की पसंद

सबसे अधिक पढ़े गए

पिछले 7 दिनों के आधार पर