बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अनुशंसा; छात्राओं को जरूरत के समय सहज उपलब्धता और महिला शिक्षिका से सहयोग की व्यवस्था पर जोर
रायपुर, 10 सितंबर। वाय के न्यूज़।
छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने प्रदेश के कन्या और सहशिक्षा विद्यालयों के साथ आवासीय बालिका छात्रावासों और आश्रमों में सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन उपलब्ध कराने की अनुशंसा की है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने यह अनुशंसा छात्राओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुविधा को ध्यान में रखते हुए की है।
आयोग के अनुसार, जिलों में विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि माहवारी के समय जरूरत पड़ने पर छात्राओं को विद्यालयों में सेनेटरी पैड आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाते। इससे उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है।

शौचालय क्षेत्र में मशीन लगाने की अनुशंसा
डॉ. वर्णिका शर्मा ने प्रत्येक कन्या और सहशिक्षा विद्यालय में सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन लगाने की अनुशंसा की है। मशीन को विद्यालय के शौचालय क्षेत्र में स्थापित करने का सुझाव दिया गया है, ताकि छात्राओं को आवश्यकता के समय सुविधा मिल सके।
उन्होंने छात्राओं को जरूरत के समय सहयोग और उचित परामर्श देने के लिए महिला शिक्षिका या अधीक्षिका की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी अनुशंसा की है। आवासीय बालिका छात्रावासों और आश्रमों में इस सुविधा की स्थापना पर विशेष जोर दिया गया है।
तीन विभागों को भेजी अनुशंसा
आयोग ने इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग तथा आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव/सचिव को पत्र भेजा है।
पत्र में प्रदेश के सभी कन्या एवं सहशिक्षा शासकीय और अशासकीय विद्यालयों तथा आवासीय बालिका छात्रावासों और आश्रमों में आवश्यक सुविधाओं का सर्वेक्षण कराकर सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन उपलब्ध कराने की अनुशंसा की गई है।
मशीनों के नियमित संचालन पर भी जोर
आयोग ने स्थापित की जाने वाली मशीनों की समुचित देखरेख और निरंतर संचालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय प्रबंधन और छात्रावास अधीक्षक की तय करने की अनुशंसा की है।
आयोग के अनुसार, उद्देश्य किशोरियों के लिए स्वास्थ्य, स्वच्छता, गरिमा और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
