दो ठेकेदारों के पंजीयन निरस्त, चार के नवीनीकरण पर 2 से 5 साल तक रोक; बार-बार नोटिस और शपथपत्र के बाद भी काम पूरा नहीं करने का मामला
रायपुर, 10 सितंबर। वाय के न्यूज़।
बस्तर संभाग में सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों में अत्यधिक देरी और धीमी प्रगति को लेकर लोक निर्माण विभाग ने छह ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की है। विभाग ने के. मोहन रेड्डी और मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. के पंजीयन निरस्त कर दिए हैं, जबकि चार अन्य ठेकेदारों के पंजीयन के नवीनीकरण पर निर्धारित अवधि तक रोक लगाई गई है।
विभाग के अनुसार, संबंधित ठेकेदारों को काम की धीमी प्रगति को लेकर कई बार नोटिस दिए गए थे। अनुबंध अवधि बढ़ाए जाने और ठेकेदारों की ओर से काम पूरा करने के शपथपत्र दिए जाने के बावजूद निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई।
चार ठेकेदारों के नवीनीकरण पर रोक
लोक निर्माण विभाग ने मेसर्स राघवा कंस्ट्रक्शन के पंजीयन को पांच साल के लिए नवीनीकृत नहीं करने का आदेश दिया है। यह ठेकेदार सुकमा जिले में चिंतलनार-मरियागुड़म और कोंटा-गोलापल्ली मार्ग के निर्माण से जुड़ा है।
मेसर्स शांति विजय कन्सट्रक्शन के पंजीयन के नवीनीकरण पर भी पांच साल की रोक लगाई गई है। कंपनी नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग का निर्माण कर रही है।
मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर के पंजीयन के नवीनीकरण पर दो साल की रोक लगाई गई है। यह कंपनी कोंटा-गोलापल्ली मार्ग के निर्माण से जुड़ी है।
वहीं मेसर्स पंकज हालदार के पंजीयन के नवीनीकरण पर पांच साल की रोक लगाई गई है। यह ठेकेदार नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग पर पुल-पुलिया निर्माण का काम कर रहा है।
दो ठेकेदारों के पंजीयन निरस्त
विभाग ने सुकमा जिले में निर्माणाधीन कार्यों से जुड़े के. मोहन रेड्डी और मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. के पंजीयन निरस्त कर दिए हैं। दोनों के संबंध में आदेश की तारीख से अगले पांच साल तक पंजीयन का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा।
के. मोहन रेड्डी भेज्जी-चिंतागुफा मार्ग और चिंतलनार-मरियागुड़म सड़क के निर्माण से जुड़े थे। मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. चिंतलनार-मरियागुड़म मार्ग का काम कर रहा था।
हाईकोर्ट में कैविएट भी दाखिल
लोक निर्माण विभाग के अनुसार, इन कार्रवाईयों के संबंध में राज्य शासन ने बिलासपुर हाईकोर्ट में कैविएट भी दाखिल की है।
विभाग ने कहा है कि सार्वजनिक आवागमन और जनसुविधा से जुड़े सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों में अनुबंध की शर्तों के अनुरूप काम नहीं होने तथा कार्यों में विलंब के मामलों में कार्रवाई की गई है।
