काम देखने अचानक पहुंचे आयुक्त, पीएम आवास हितग्राहियों को सौंपी चाबी

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बलौदाबाजार, 8 अगस्त 2026। वीबी-जी रामजी के आयुक्त एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के संचालक तारण प्रकाश सिन्हा ने बलौदाबाजार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास, जल संरक्षण और ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़े कार्यों की मौके पर गुणवत्ता और उपयोगिता जांची।

आयुक्त ने बलौदाबाजार जनपद की ग्राम पंचायत बेमेतरा और पलारी जनपद की ग्राम पंचायत सितदेवरी में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बने मकानों का निरीक्षण किया। आवास पूरा कर चुके हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से ‘खुशियों की चाबी’ सौंपी और उनसे निर्माण, सहायता राशि, गुणवत्ता तथा आवास मिलने के बाद हुए बदलाव की जानकारी ली।

उन्होंने अधिकारियों को पात्र परिवारों को योजना का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से दिलाने के निर्देश दिए।

जल संरक्षण कार्यों की भी जांच

आयुक्त ने वीबी-जी रामजी के तहत जल सुरक्षा श्रेणी में चल रहे और पूर्ण हो चुके कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने नवीन तालाब, अमृत सरोवर, सैंड फिल्टर आधारित बोरवेल रिचार्ज संरचना और चेकडैम के निर्माण की तकनीकी गुणवत्ता तथा उपयोगिता की समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण के कार्य केवल निर्माण तक सीमित नहीं रहने चाहिए। इनका चयन स्थानीय जरूरत, कैचमेंट क्षेत्र, जलधारण क्षमता और दीर्घकालिक उपयोगिता को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

ग्रामीणों से जमीन पर बैठकर की बातचीत

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर योजनाओं और स्थानीय समस्याओं पर बातचीत की। उन्होंने रोजगार, आवास और विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों के अनुभव और सुझाव सुने। मैदानी अमले को ग्राम सभा से स्वीकृत कार्ययोजना के अनुसार स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

इसके बाद जिला पंचायत सभाकक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक हुई। इसमें वीबी-जी रामजी, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण सहित ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। आयुक्त ने कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्ध पूर्णता, श्रमिक नियोजन, तकनीकी मानकों और पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने अधिकारियों से नियमित फील्ड निरीक्षण करने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता नहीं करने को कहा। जल संरक्षण संरचनाओं के जरिए वर्षाजल संचयन, भू-जल स्तर में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत की सीईओ दिव्या अग्रवाल सहित जनपद पंचायतों के अधिकारी-कर्मचारी, तकनीकी अमला और पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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