425 नए गांवों तक पहुंची बस सेवा
रायपुर, 1 सितंबर 2026। वन, जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने मंगलवार को नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में पत्रकारों से चर्चा करते हुए विभागों की ढाई साल की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र में सामने आए वन्यजीव तस्करी के मामले की जांच CBI से कराने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए वन विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। मामले में अंतरराज्यीय नेटवर्क की आशंका भी जताई गई है।
कश्यप ने बताया कि राज्य में वन्यजीव संरक्षण के लिए 35 बाघों और 355 हाथियों के संरक्षण की विशेष कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने बस्तर की आदिम संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि ढाई साल में 572 देवगुड़ियों का निर्माण और जीर्णोद्धार कराया गया है। इस कार्य पर 19 करोड़ 5 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वर्षवार उपलब्धियों की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024 में 3.50 करोड़ पौधों का रोपण एवं वितरण किया गया। यह निर्धारित लक्ष्य से एक करोड़ अधिक था। वर्ष 2025 में 3.55 करोड़ पौधों का रोपण एवं वितरण किया गया, जो लक्ष्य के मुकाबले 215 प्रतिशत उपलब्धि रही। वर्ष 2026 में अब तक 2.23 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण एवं वितरण किया जा चुका है।
वन आधारित अर्थव्यवस्था के संबंध में कश्यप ने बताया कि समर्थन मूल्य पर 36,580 क्विंटल से अधिक वनोपज की खरीदी की गई है और संग्राहकों को 16 करोड़ 66 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। वन धन विकास केंद्रों के माध्यम से 181 हर्बल उत्पाद तैयार किए गए हैं, जिनका कुल मूल्य 4 करोड़ 42 लाख रुपये बताया गया।
तेंदूपत्ता संग्राहकों के संबंध में उन्होंने बताया कि प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा है। 7 लाख 14 हजार संग्राहकों को 153 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन पारिश्रमिक दिया गया है। महिला मुखिया संग्राहकों को 12 लाख 40 हजार जोड़ी चरण पादुका और विद्यार्थियों को 12 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति दी गई है।
परिवहन विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि 425 नए गांवों तक बस सेवा पहुंचाई गई है। परिवहन विभाग की सेवाओं को डिजिटल किया गया है तथा पंजीयन प्रमाणपत्र और ड्राइविंग लाइसेंस की होम डिलीवरी की सुविधा शुरू की गई है।
