रायपुर प्रश्नपत्र लीक मामले से मुख्यमंत्री नाराज, कहा- किसी को बख्शा नहीं जाएगा

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रायपुर, 21 अगस्त। वाय के न्यूज। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी) की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के मामले पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं की शुचिता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और जांच में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की है। तेलीबांधा थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। प्रश्नपत्र के प्रसारण की कड़ी का पता लगाने के लिए पुलिस की जांच में साइबर सेल की मदद ली जा रही है।

परीक्षा निरस्त, सितंबर में होगी दोबारा

एंटोमोलॉजी की परीक्षा 20 अगस्त को आयोजित होनी थी। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की शिकायत सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी। इस परीक्षा में प्रदेश के 27 कृषि महाविद्यालयों के करीब 1,200 विद्यार्थी शामिल होने वाले थे। निरस्त परीक्षा सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएगी।

जांच समिति सोशल मीडिया पर प्रसारित प्रश्नपत्र और परीक्षा में उपयोग किए गए मूल प्रश्नपत्र का मिलान करेगी। इसके साथ ही प्रश्नपत्र सबसे पहले कहां से बाहर आया, किस माध्यम से आगे प्रसारित हुआ और इसमें किन लोगों की भूमिका रही, इसकी भी जांच की जाएगी।

प्रश्नपत्र तैयार होने से परीक्षा शुरू होने तक की प्रक्रिया जांच के दायरे में

पुलिस और साइबर सेल डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर प्रश्नपत्र के प्रसारण की पूरी कड़ी खंगालेंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रश्नपत्र तैयार करने, उसके सुरक्षित रख-रखाव, परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने और परीक्षा शुरू होने तक की पूरी प्रक्रिया की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की मेहनत और भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में प्रश्नपत्र बाहर आने की वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका सामने लाई जाएगी तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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