दो साल में स्कूल शिक्षा विभाग का लेखा-जोखा: 10,538 स्कूलों का समायोजन, 2,104 शिक्षकों की सीधी भर्ती

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रायपुर, 21 अगस्त। वाय के न्यूज। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने शुक्रवार को विभाग के पिछले दो वर्षों के कामकाज का ब्यौरा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस अवधि में 10,538 स्कूलों का समायोजन किया गया और 15,165 शिक्षकों एवं प्राचार्यों का समायोजन किया गया। 453 शिक्षकविहीन स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था की गई है, जबकि 4,729 एकल-शिक्षकीय स्कूलों में भी अतिरिक्त शिक्षकों की व्यवस्था की गई।

मंत्री ने बताया कि दो वर्षों में विभिन्न पदों पर 7,000 से अधिक पदोन्नतियां की गई हैं। इनमें टी संवर्ग में 1,335 और ई संवर्ग में 1,478, कुल 2,813 प्राचार्यों की पदोन्नति शामिल है। टी संवर्ग के 1,798 व्याख्याताओं को भी पदोन्नति दी गई है।

2,104 पदों पर सीधी भर्ती

यादव के अनुसार पिछले दो वर्षों में 2,104 शैक्षणिक पदों पर सीधी भर्ती की गई है। इसके अलावा 5,000 शिक्षकीय पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। स्वामी आत्मानंद और स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में 3,000 से अधिक पदों पर संविदा भर्ती भी प्रक्रियाधीन है। दिव्यांग बच्चों के लिए 848 स्पेशल एजुकेटर पद स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 62 पदों पर वर्ष 2025 में सीधी भर्ती से नियुक्ति की गई।

सरकार ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय, स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय और अन्य शासकीय संस्थाओं में संविदा भर्ती के लिए राज्य स्तरीय ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) शुरू की है। आत्मानंद विद्यालयों के 1,895 और विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के 1,171 पदों सहित कुल 3,066 पदों पर संविदा भर्ती प्रक्रिया चल रही है।

कक्षा 10वीं-12वीं के परिणाम में करीब दो प्रतिशत सुधार

मंत्री ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम में करीब दो प्रतिशत की वृद्धि हुई। परीक्षा पूर्व समीक्षा, ब्लूप्रिंट निर्माण, अध्यापन, पालक-शिक्षक बैठकों और केंद्रीकृत परीक्षाओं के जरिए परिणाम सुधारने पर जोर दिया गया।

700 भवनविहीन स्कूलों के लिए बजट प्रावधान

स्कूल अधोसंरचना के संबंध में मंत्री ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में 504 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 700 भवनविहीन स्कूलों के लिए नए विद्यालयों का प्रावधान किया गया है। वर्ष 2023 से 2026 के बीच 2,583 अतिरिक्त कक्षों की स्वीकृति दी गई। स्कूलों के शौचालय निर्माण और मरम्मत के लिए 52.39 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं तथा 302 शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुका है।

150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के भवन निर्माण और संचालन के लिए 2026-27 के बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

बस्तर में 48 बंद स्कूल फिर खुले

मंत्री ने बताया कि बस्तर संभाग के छह जिलों में नियत नेल्ला नार के तहत 97 प्रतिशत ग्रामों में प्राथमिक स्कूल स्थापित किए गए हैं। संभाग में 48 बंद स्कूल फिर खोले गए और 36 नए स्कूल शुरू किए गए। शिक्षकविहीन और एकल-शिक्षकीय स्कूलों में 573 शिक्षा दूतों के माध्यम से शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

लगभग 85 प्रतिशत शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति

शिक्षकों की उपस्थिति के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक और टीके ऐप की व्यवस्था लागू की गई है। मंत्री के अनुसार प्रतिदिन लगभग 85 प्रतिशत शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति टीके ऐप पर दर्ज हो रही है। अवकाश प्रबंधन पोर्टल, पेपरलेस कार्यप्रणाली और ऑनलाइन संपत्ति विवरण जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं।

पाठ्यपुस्तक, साइकिल और गणवेश से लाखों विद्यार्थी लाभान्वित

मंत्री ने बताया कि कक्षा 1 से 10 तक के 45 लाख 33 हजार 261 विद्यार्थियों को सत्र शुरू होने से पहले पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई गईं। निःशुल्क सरस्वती साइकिल योजना से 1 लाख 62 हजार 827 बालिकाएं और कक्षा 1 से 8 तक निःशुल्क गणवेश योजना से 28 लाख 63 हजार 786 बच्चे लाभान्वित हुए।

बहुभाषी शिक्षा के तहत कक्षा 1 और 2 के लिए 16 स्थानीय और चार अंतरराज्यीय भाषाओं में पाठ्यपुस्तकें तैयार की गई हैं। कक्षा 1 से 3 तक छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी और सादरी में पाठ्यपुस्तक निर्माण की प्रक्रिया जारी है।

एआई आधारित निगरानी केंद्र

शिक्षा व्यवस्था की ऑनलाइन निगरानी के लिए एआई आधारित विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित किया गया है। इसके माध्यम से स्कूल अधोसंरचना, भौतिक सुविधाओं, पीएम पोषण और विभिन्न योजनाओं की निगरानी की जा रही है। विभाग के अनुसार कॉल सेंटर के जरिए शिक्षकों, पालकों, संकुल समन्वयकों और अधिकारियों से एक लाख से अधिक कॉल के माध्यम से फीडबैक लिया गया है। पाठ्यपुस्तकों की बारकोड आधारित ट्रैकिंग से करीब 40 करोड़ रुपये की बचत होने का दावा भी विभाग ने किया है।

पीवीटीजी विद्यार्थियों के लिए 40 छात्रावास स्वीकृत

प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों (पीवीटीजी) के बच्चों के लिए 13 जिलों में 40 छात्रावास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 21 का निर्माण शुरू हो चुका है। प्रदेश के 156 आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में 33 हजार से अधिक बच्चे आवासीय सुविधा का लाभ ले रहे हैं। प्रधानमंत्री धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत भी 13 जिलों में 42 छात्रावासों की स्वीकृति दी गई है।

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