रायपुर पेपर लीक: अज्ञात के खिलाफ एफआईआर, प्रश्नपत्र तैयार करने से वितरण तक जांच

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रायपुर, 21 अगस्त। वाय के न्यूज। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में अब पुलिस जांच शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय प्रबंधन की शिकायत पर तेलीबांधा थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामले में छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की धाराओं 4, 5 और 10 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 के तहत अपराध दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।

प्रश्नपत्र लीक होने की शिकायत परीक्षा शुरू होने से पहले सामने आई थी। रिपोर्टों के अनुसार कवर्धा से सुबह करीब 8:50 बजे विश्वविद्यालय प्रशासन को इसकी सूचना मिली। इसके बाद बीएससी द्वितीय वर्ष के पेस्ट मैनेजमेंट इन क्रॉप्स एंड स्टोर्ड ग्रेन्स-I (AENT-221) की परीक्षा निरस्त कर दी गई।

मामले की जांच के लिए विश्वविद्यालय ने पांच सदस्यीय समिति भी गठित की है। समिति को यह पता लगाना है कि प्रश्नपत्र विश्वविद्यालय की व्यवस्था से बाहर कैसे पहुंचा और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी मामले में जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।

प्रश्नपत्र की पूरी चेन जांच के दायरे में

विश्वविद्यालय स्तर पर प्रश्नपत्र तैयार और मुद्रित किए जाने के बाद संबंधित महाविद्यालयों को भेजे जाते हैं। ऐसे में जांच का महत्वपूर्ण बिंदु यह होगा कि प्रश्नपत्र सेट होने से लेकर छपाई, पैकिंग, सुरक्षित रखने और महाविद्यालयों तक पहुंचाने के दौरान किस स्तर पर बाहर निकला। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी प्रश्नपत्र वितरण की प्रक्रिया की समीक्षा की बात कही है।

पुलिस जांच में सोशल मीडिया पर वायरल हुए प्रश्नपत्र की डिजिटल हिस्ट्री भी महत्वपूर्ण होगी। यह पता लगाया जाना है कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किस माध्यम से बाहर आया और उसे आगे किन लोगों तक भेजा गया।

परीक्षा दोबारा होगी

निरस्त परीक्षा को दोबारा आयोजित किया जाएगा। इसकी नई तारीख विश्वविद्यालय की ओर से घोषित की जानी है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए नई परीक्षा तिथि की सूचना दी जाएगी।

अब जांच के दो स्तर हैं—पुलिस की आपराधिक जांच और विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच। दोनों की रिपोर्ट से ही यह स्पष्ट होगा कि प्रश्नपत्र लीक होने के पीछे विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली में किस स्तर पर चूक हुई और इसमें किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

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