छह विश्वविद्यालयों से एमओयू के बाद पांच में शुरू हुई पढ़ाई, अब रविवि में भी आगाज; 15 सीटें, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट का अवसर
रायपुर, 9 सितंबर, वाय के न्यूज। बाल अधिकार और संरक्षण के क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पहल के तहत पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन चाइल्ड राइट्स (PGDCR) शुरू किया गया है। आयोग ने प्रदेश के छह विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू किया था, जिनमें से पांच विश्वविद्यालयों में इस पाठ्यक्रम की पढ़ाई शुरू हो चुकी है।
रविवि में पाठ्यक्रम का संचालन समाजशास्त्र एवं समाजकार्य अध्ययनशाला और बाल अधिकार संरक्षण आयोग के संयुक्त सहयोग से होगा। दो सेमेस्टर वाले इस पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को बाल अधिकार, बाल संरक्षण, बाल कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य और बाल न्याय से जुड़े विषयों की सैद्धांतिक जानकारी के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

15 सीटों पर मिलेगा प्रवेश
रविवि में PGDCR के लिए 15 सीटें निर्धारित की गई हैं। समाजशास्त्र, समाजकार्य, विधि और मनोविज्ञान में स्नातक विद्यार्थी इसमें प्रवेश ले सकेंगे। पाठ्यक्रम क्रेडिट और सेमेस्टर प्रणाली पर आधारित होगा तथा हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में संचालित किया जाएगा।
पाठ्यक्रम में नियमित कक्षाओं के साथ फील्ड वर्क भी शामिल होगा। विद्यार्थियों को बाल संरक्षण से जुड़े संस्थानों में काम करने और वास्तविक परिस्थितियों को समझने का अवसर मिलेगा।
इंटर्नशिप के साथ प्लेसमेंट में भी सहयोग
बाल अधिकार संरक्षण आयोग विद्यार्थियों को इंटर्नशिप और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के साथ प्लेसमेंट में भी सहयोग करेगा। पाठ्यक्रम का उद्देश्य बाल संरक्षण और बाल कल्याण के क्षेत्र में काम करने के लिए आवश्यक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल विकसित करना है।
पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद विद्यार्थी बाल संरक्षण से जुड़े सरकारी विभागों, संस्थानों और सामाजिक क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार के अवसरों के लिए अपनी योग्यता विकसित कर सकेंगे।
छह विश्वविद्यालयों से जुड़ी पहल
बाल अधिकार संरक्षण से जुड़े विषयों को उच्च शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से आयोग ने प्रदेश के छह विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू किया था। इसी पहल के तहत अलग-अलग विश्वविद्यालयों में एक वर्षीय PGDCR शुरू किया जा रहा है। पांच विश्वविद्यालयों में पढ़ाई शुरू होने के बाद अब रविवि भी इस व्यवस्था से जुड़ गया है।
पाठ्यक्रम के निर्माण और स्वरूप तैयार करने में आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा की भूमिका रही है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल ने पाठ्यक्रम को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी और रोजगारपरक बताया है।
PGDCR में प्रवेश और पाठ्यक्रम से संबंधित विस्तृत जानकारी समाजशास्त्र एवं समाजकार्य अध्ययनशाला, कला भवन से प्राप्त की जा सकती है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी जानकारी उपलब्ध है।
