भिलाई इस्पात संयंत्र का होगा विस्तार

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क्षमता 7 से बढ़कर होगी 10.2 मिलियन टन

पहली तिमाही में मजबूत रहा देश का इस्पात उत्पादन

नई दिल्ली, 24 जुलाई 2026 (यदा कदा न्यूज)। छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण खबर है कि भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) की उत्पादन क्षमता बढ़ाने की परियोजना को गति मिल गई है। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने संयंत्र की क्षमता 7 मिलियन टन प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 10.2 मिलियन टन प्रतिवर्ष करने के लिए मेकॉन के साथ ईपीसीएम (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन एंड मैनेजमेंट) परामर्श समझौता किया है। यह विस्तार राष्ट्रीय इस्पात नीति-2030 के लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

इस्पात मंत्रालय की शुक्रवार को जारी तिमाही रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 तक भारत की कच्चे इस्पात उत्पादन क्षमता बढ़कर 222 मिलियन टन प्रतिवर्ष हो गई है। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक इसे 300 मिलियन टन प्रतिवर्ष तक पहुंचाना है।

रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में देश का कच्चे इस्पात का उत्पादन 42.1 मिलियन टन रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 3 प्रतिशत अधिक है। वहीं, तैयार इस्पात का उत्पादन 40.6 मिलियन टन रहा, जिसमें 4.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस अवधि में तैयार इस्पात की खपत 8.3 प्रतिशत बढ़कर 41.6 मिलियन टन पहुंच गई।

हालांकि, अप्रैल-जून तिमाही में भारत तैयार इस्पात का शुद्ध आयातक बना रहा। इस दौरान तैयार इस्पात का आयात 49.2 प्रतिशत बढ़कर 20.64 लाख टन हो गया, जबकि निर्यात 31.4 प्रतिशत बढ़कर 15.93 लाख टन रहा।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जुलाई में टीएमटी बार सहित कुछ प्रमुख इस्पात उत्पादों की कीमतों में नरमी आई है। दूसरी ओर, इस्पात मंत्रालय की ग्रीन स्टील पहल के तहत 15 राज्यों के 97 उत्पादकों को ग्रीन स्टील प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं।

इस्पात मंत्रालय के अनुसार, भिलाई इस्पात संयंत्र का विस्तार परियोजना देश की इस्पात उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में औद्योगिक गतिविधियों, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।

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