बारिश से कोयला आपूर्ति प्रभावित, कोरबा के पावर प्लांट में घटा स्टॉक; 210 मेगावाट की यूनिट बंद

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रायपुर, 31 अगस्त। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश का असर कोयला खनन और उसकी आपूर्ति पर पड़ने की खबरें सामने आ रही हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, कोरबा के पावर प्लांटों में कोयले का स्टॉक घटा है और दर्री स्थित हसदेव ताप विद्युत संयंत्र (HTPS) की 210 मेगावाट क्षमता वाली एक यूनिट बंद हो गई है।

30 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार, HTPS में सामान्य तौर पर बरसात के मौसम में करीब 5 लाख मीट्रिक टन कोयला स्टॉक रखा जाता है, लेकिन फिलहाल लगभग तीन दिन का स्टॉक बचा है। रिपोर्ट के मुताबिक प्लांट को रोजाना करीब 20 हजार मीट्रिक टन कोयले की जरूरत होती है, जबकि बारिश के कारण SECL से प्रतिदिन केवल 3 से 4 हजार मीट्रिक टन कोयला पहुंच रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि कोयले की कमी के चलते HTPS की 210 मेगावाट क्षमता वाली एक यूनिट बंद की जा चुकी है। यदि कोयले की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो प्लांट की दूसरी यूनिटों के संचालन पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है।

कोटा प्लांट में भी कम हुआ स्टॉक

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कोयले की आपूर्ति प्रभावित होने का असर कोटा स्थित सुपर थर्मल पावर प्लांट पर भी पड़ा है। यहां करीब पांच दिन का कोयला स्टॉक बचने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट में इसकी वजह छत्तीसगढ़ और सिंगरौली क्षेत्र की कोयला खदानों में बारिश के कारण पानी भरने से खदानों से कोयले की आवक प्रभावित होना बताया गया है।

राष्ट्रीय स्तर पर भी बारिश बनी वजह

रॉयटर्स की 27 अगस्त की रिपोर्ट में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के आंकड़ों के हवाले से बताया गया कि 25 अगस्त तक देश के 45 कोयला आधारित बिजली संयंत्रों में कोयला भंडार गंभीर स्तर पर पहुंच गया था। जुलाई के अंत में ऐसे संयंत्रों की संख्या 31 थी। रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड जैसे प्रमुख कोयला उत्पादक राज्यों में भारी बारिश ने खनन और कोयला परिवहन को प्रभावित किया है।

रॉयटर्स के अनुसार, अगस्त के दौरान देश के बिजली संयंत्रों में कोयले का स्टॉक जुलाई के अंत की तुलना में 19 प्रतिशत घटा है और करीब 3.095 करोड़ टन रह गया है।

छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने के पूर्वानुमान के बीच अब कोयला खदानों से उत्पादन, परिवहन और पावर प्लांटों तक आपूर्ति पर नजर बनी हुई है।

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