बस्तर के 461 पूर्व नक्सल प्रभावित गांवों तक बिजली पहुंचाने के लिए केंद्र से 435 करोड़ रुपये की मांग

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओराम को सौंपा प्रस्ताव, अनुच्छेद 275(1) के तहत विशेष सहायता का आग्रह

नई दिल्ली, 31 जुलाई 2026, वाय के न्यूज। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री से मुलाकात कर बस्तर संभाग के सात जिलों के 461 दूरस्थ एवं पूर्व नक्सल प्रभावित गांवों तक ग्रिड आधारित बिजली पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार से 435 करोड़ रुपये की विशेष वित्तीय सहायता का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव भी केंद्रीय मंत्री को सौंपा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह परियोजना धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के तहत तैयार की गई है। इसकी कुल अनुमानित लागत 973 करोड़ रुपये है, जिसमें से 435 करोड़ रुपये की सहायता केंद्र सरकार से मांगी गई है, जबकि शेष राशि राज्य सरकार वहन करेगी।

प्रस्ताव के अनुसार वर्ष 2026-27 में 85 करोड़ रुपये, 2027-28 में 250 करोड़ रुपये और 2028-29 में 100 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता का अनुरोध किया गया है।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत इस परियोजना को विशेष प्रकरण मानते हुए शीघ्र स्वीकृति देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में लंबे समय तक नक्सल हिंसा के कारण बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच सकीं, वहां अब बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उनका कहना था कि बिजली पहुंचने से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सिंचाई और लघु उद्योगों जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा आदिवासी परिवारों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।

केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद स्वीकृति की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि बस्तर के विकास से जुड़े इस प्रस्ताव के लिए धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी और केंद्र सरकार हरसंभव सहयोग करेगी।

परियोजना एक नजर में

  • क्षेत्र: बस्तर संभाग के 7 जिले
  • लाभान्वित गांव: 461 पूर्व नक्सल प्रभावित एवं दूरस्थ गांव
  • कुल परियोजना लागत: ₹973 करोड़
  • केंद्र से मांगी गई सहायता: ₹435 करोड़
  • मांग का आधार: संविधान का अनुच्छेद 275(1)
  • उद्देश्य: सभी गांवों तक ग्रिड आधारित बिजली पहुंचाना और बुनियादी विकास को गति देना।

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