10 किमी क्लस्टर व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सकारात्मक विचार का दिया आश्वासन
नई दिल्ली, 31 जुलाई 2026, वाय के न्यूज। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर बस्तर संभाग के दूरस्थ और दुर्गम गांवों तक सड़क संपर्क बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) में विशेष प्रावधान करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने अरुणाचल प्रदेश की तर्ज पर बस्तर में भी 10 किलोमीटर की परिधि में स्थित बसाहटों को एक क्लस्टर मानने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा।
बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह भी मौजूद रहे। इस दौरान प्रदेश में ग्रामीण विकास और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर के अनेक गांव घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित हैं। वर्तमान नियमों के अनुसार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में केवल 500 मीटर की परिधि में स्थित बसाहटों को एक क्लस्टर माना जाता है। इससे बस्तर के कई छोटे और दूरस्थ गांव सड़क संपर्क से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए अरुणाचल प्रदेश की तरह विशेष छूट दी जानी चाहिए, ताकि अधिक से अधिक गांवों को सड़क सुविधा मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। ऐसे समय में सड़क संपर्क बेहतर होने से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और सरकारी योजनाओं का लाभ दूरस्थ गांवों तक तेजी से पहुंच सकेगा। उन्होंने सड़कों को क्षेत्र के विकास और सुरक्षा की आधारशिला बताते हुए प्रस्ताव को प्राथमिकता से मंजूरी देने का अनुरोध किया।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा राज्य सरकार के प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना का प्रभावी क्रियान्वयन हो रहा है और प्रतिदिन लगभग 1,500 आवासों का निर्माण उल्लेखनीय उपलब्धि है। साथ ही उन्होंने जीरामजी योजना के तहत मुक्तिधाम और शौचालय निर्माण जैसे कार्यों की भी प्रशंसा की।
क्या है मुख्यमंत्री का प्रस्ताव?
- PMGSY-IV में बस्तर के लिए विशेष प्रावधान की मांग।
- 500 मीटर के बजाय 10 किलोमीटर की परिधि को एक क्लस्टर मानने का प्रस्ताव।
- उद्देश्य: दूरस्थ और छोटे आदिवासी गांवों को भी सड़क संपर्क से जोड़ना।
- केंद्र सरकार ने प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया।
