प्रेसवार्ता में कृषि मंत्री रामविचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त ने दी जानकारी, डीबीटी, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र की उपलब्धियां गिनाईं
रायपुर, 31 जुलाई 2026, वाय के न्यूज। छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ सीजन 2026 के दौरान किसानों के लिए खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता और कृषि क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं की प्रगति का दावा किया है। शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में कृषि मंत्री रामविचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने बताया कि राज्य में उर्वरकों और प्रमाणित बीजों का लगभग 98 प्रतिशत भंडारण पूरा कर लिया गया है तथा कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़े क्षेत्रों में कई योजनाओं पर काम जारी है।
कृषि उत्पादन आयुक्त ने बताया कि अप्रैल से सितंबर 2026 के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य रखा गया था, जिसके मुकाबले 30 जुलाई तक 15.16 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है। किसानों द्वारा अब तक 10.23 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का उठाव किया गया है, जबकि लगभग 4.93 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध हैं। विभाग के अनुसार यूरिया का भंडारण लक्ष्य से अधिक रहा है। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए 5,466 निरीक्षण कर विभिन्न मामलों में कार्रवाई भी की गई है।
प्रेसवार्ता में बताया गया कि खरीफ 2026 के लिए 4.95 लाख क्विंटल बीज की मांग के मुकाबले 4.85 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए गए हैं।
सरकार के अनुसार, कृषक उन्नति योजना के तहत खरीफ 2023 से खरीफ 2025 तक लगभग 25.52 लाख किसानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 35,892.90 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 24.63 लाख किसानों को 23वीं किस्त के रूप में 493 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई।
राज्य में खरीफ सीजन के लिए 48.69 लाख हेक्टेयर में बोनी का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से लगभग 83 प्रतिशत क्षेत्र में बोनी पूरी होने की जानकारी दी गई। सरकार का कहना है कि सामान्य से अधिक वर्षा के कारण फसलों की स्थिति फिलहाल संतोषजनक है।
प्रेसवार्ता में कृषि यंत्रीकरण, प्राकृतिक खेती और सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं की प्रगति का भी उल्लेख किया गया। अधिकारियों के अनुसार अब तक 7,745 किसानों को कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं, 568 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए गए हैं तथा ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई से लगभग 41,967 हेक्टेयर क्षेत्र को जोड़ा गया है। प्राकृतिक खेती से 57 हजार से अधिक किसानों को जोड़ने का दावा भी किया गया।
सरकार ने उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन क्षेत्रों में भी प्रगति का दावा किया। उद्यानिकी फसलों का रकबा 8.91 लाख हेक्टेयर तक पहुंचने, दूध उत्पादन और डेयरी अधोसंरचना में विस्तार तथा मत्स्य उत्पादन बढ़कर 9.59 लाख टन होने की जानकारी दी गई।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती को आधुनिक बनाने और कृषि से जुड़े सभी क्षेत्रों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर काम कर रही है। वहीं कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज, पर्याप्त उर्वरक, डिजिटल सेवाओं और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि क्षेत्र को मजबूत किया जा रहा है।
एक नजर में
- उर्वरकों का 98% भंडारण पूरा।
- प्रमाणित बीजों की 98% उपलब्धता।
- 25.52 लाख किसानों को ₹35,892.90 करोड़ डीबीटी सहायता (खरीफ 2023-25)।
- पीएम-किसान की 23वीं किस्त में 24.63 लाख किसानों को ₹493 करोड़ से अधिक।
- खरीफ बोनी 83% पूरी।
- 7,745 किसानों को कृषि यंत्र, 568 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित।
- मत्स्य उत्पादन 9.59 लाख टन
- उद्यानिकी फसलों का रकबा 8.91 लाख हेक्टेयर।
