रायपुर, 28 अगस्त। वाय के न्यूज। काजू-कतली का नाम आते ही आमतौर पर शक्कर और काजू से बनी मिठाई का स्वाद जेहन में आता है, लेकिन बस्तर की महिलाओं ने इसकी रेसिपी में बदलाव करते हुए बिना शक्कर की काजू-कतली तैयार की है। इसमें बस्तर के ऑर्गेनिक काजू के साथ शुद्ध ऑर्गेनिक गुड़ का इस्तेमाल किया गया है।
बकावंड के वन धन विकास केंद्र से जुड़ी धारणी करीन स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने यह प्रयोग किया है। स्थानीय काजू को प्रसंस्कृत कर बेचने के बाद समूह ने काजू से तैयार होने वाले नए उत्पाद के रूप में काजू-कतली बनाने का काम शुरू किया।
खास बात यह है कि इसमें परंपरागत काजू-कतली की तरह शक्कर का इस्तेमाल नहीं किया गया है। काजू और गुड़ के मेल से तैयार इस मिठाई को आधा और एक किलोग्राम की पैकिंग में बाजार में उतारा गया है। समूह के मुताबिक, इसे ग्राहकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।
बस्तर दशहरा और दीपावली में बढ़ेगी उपलब्धता
समूह की महिलाओं ने जगदलपुर में वन मंत्री केदार कश्यप से मुलाकात कर उन्हें तैयार काजू-कतली भेंट की। महिलाओं ने बताया कि आगामी बस्तर दशहरा और दीपावली के दौरान विभागीय आउटलेट ‘संजीवनी’ के माध्यम से इसकी पर्याप्त आपूर्ति की जाएगी।
मंत्री ने काजू-कतली के स्वाद और महिलाओं के इस प्रयोग की सराहना की। उन्होंने संबंधित वन अधिकारियों को समूह को आवश्यक विभागीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
