धमधागढ़ विरासत यात्रा 29 अगस्त को, 126 तालाबों की जल विरासत से रूबरू होंगे प्रतिभागी

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धमधा, 27 अगस्त 2026। धमधा की प्राचीन जल विरासत और पारंपरिक जल प्रबंधन प्रणाली को करीब से समझने के लिए धमधागढ़ विरासत यात्रा (हेरिटेज वॉक) का आयोजन 29 अगस्त को किया जाएगा। धर्मधाम गौरवगाथा समिति, धमधा की ओर से आयोजित यह ‘पुरखौती विरासत यात्रा’ सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगी।

यात्रा में प्रतिभागियों को धमधा के प्रसिद्ध ‘छै आगर छै कोरी तरिया’ यानी 126 तालाबों की श्रृंखला और इन तालाबों को जल से जोड़ने वाले ऐतिहासिक बूढ़ा नरवा की व्यवस्था को समझने का अवसर मिलेगा। यात्रा का प्रमुख आकर्षण करीब 50 लबालब भरे तालाबों का एक साथ विहंगम दृश्य होगा।

प्रतिभागी बूढ़ा नरवा की उस पारंपरिक जल प्रणाली को भी देखेंगे, जिसके माध्यम से खेतों से वर्षाजल एकत्र कर तालाबों तक पहुंचाया जाता था। समिति के अनुसार, यह जल तंत्र करीब 20 तालाबों तक पानी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।

विरासत यात्रा के दौरान 126 तालाबों की श्रृंखला के विकास, बूढ़ा नरवा के निर्माण और उद्देश्य तथा खेतों से तालाबों तक पानी पहुंचाने की पारंपरिक तकनीक पर चर्चा होगी। इसके साथ ही धमधा की खेती, सामाजिक जीवन और संस्कृति पर इस जल तंत्र के प्रभाव तथा वर्तमान समय में इसकी प्रासंगिकता को भी समझा जाएगा।

समिति के अनुसार, यह आयोजन महज पर्यटन या भ्रमण तक सीमित नहीं है, बल्कि धमधा की प्राचीन जल संरचनाओं, उनके निर्माण कौशल और स्थानीय समाज से उनके संबंध को समझने का प्रयास है। यात्रा में रायपुर, भिलाई और दुर्ग के प्रोफेसर, शोधार्थी तथा पर्यटकों सहित बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

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