प्राचार्य डॉ. समीर चंद्र प्रधान की सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई और सम्मान समारोह

यह समाचार साझा करें

WhatsApp Facebook X

पढ़ने की सुविधा

अपनी सुविधा के अनुसार अक्षर और कंट्रास्ट चुनें।

अक्षर आकार

डीईओ, बीईओ सहित शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने दी शुभकामनाएं

महासमुंद, 1 सितंबर 2026। स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी-हिंदी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पटेवा के प्राचार्य डॉ. समीर चंद्र प्रधान की सेवानिवृत्ति पर 31 अगस्त को विद्यालय परिसर में भावभीना विदाई एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में शिक्षकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों, पंचायत प्रतिनिधियों तथा सामाजिक और व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने डॉ. प्रधान की सेवाओं और योगदान को याद करते हुए उनके स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की।

डॉ. प्रधान 24 सितंबर 2011 से 31 मार्च 2026 तक विद्यालय में प्राचार्य रहे। सेवानिवृत्ति के बाद राज्य शासन द्वारा दी गई सेवा वृद्धि के कारण उन्होंने 30 अप्रैल 2026 तक अपनी सेवाएं जारी रखीं। विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों की सुविधा को देखते हुए उनके सम्मान में विदाई समारोह बाद में आयोजित किया गया।

लगभग पांच घंटे चले समारोह में विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने प्रिय प्राचार्य के प्रति भावनाएं व्यक्त कीं। प्रस्तुतियों में डॉ. प्रधान के व्यक्तित्व, शैक्षणिक गुणवत्ता, कर्तव्यनिष्ठा और विद्यार्थियों के प्रति उनके जुड़ाव को झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि डॉ. प्रधान ने विद्यालय परिसर में पर्यावरण सुधार, बुनियादी सुविधाओं के विकास तथा शाला भवन और कक्षाओं की स्थिति सुधारने के लिए लगातार प्रयास किए। उनके कार्यकाल में पटेवा का विद्यालय क्षेत्र में एक आदर्श विद्यालय के रूप में पहचान बनाने में सफल हुआ।

समारोह में महासमुंद के जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. देवांगन, विकासखंड शिक्षा अधिकारी भोपाल बंजारा, सेजेस नोडल अधिकारी अमी रूफस, वरिष्ठ प्राचार्य हेमेंद्र आचार्य, जिला समन्वयक रेखराज शर्मा, तुमगांव के प्राचार्य सुरेंद्र मानिकपुरी, पूर्व सरपंच एवं शाला प्रबंधन समिति के पूर्व अध्यक्ष सुनील पटेल, डीएमएस महासमुंद के प्राचार्य कौशल शुक्ला और सेजेस महासमुंद की वरिष्ठ व्याख्याता अर्चना तिवारी सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

वर्तमान प्राचार्य एवं कार्यक्रम के आयोजक अरुण कुमार बैनर्जी ने डॉ. प्रधान को विद्यालय का उत्कृष्ट नेतृत्वकर्ता बताते हुए कहा कि उन्होंने विद्यालय को फर्श से अर्श तक पहुंचाया।

डॉ. प्रधान को वर्ष 2024 में फोर्ब्स इंडिया द्वारा भारत के 10 प्रभावशाली व्यक्तित्वों में शामिल किए जाने तथा अंतरराष्ट्रीय पत्रिका एजुकेडर द्वारा ‘जनता के प्राचार्य’ के रूप में सम्मानित किए जाने का भी उल्लेख किया गया।

‘नई पीढ़ी के भविष्य निर्माण में शिक्षक का पद सर्वोच्च’

विदाई समारोह में डॉ. समीर चंद्र प्रधान ने कहा कि देश और समाज के विकास में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन नई पीढ़ी के भविष्य निर्माण की दृष्टि से शिक्षक का पद सर्वोच्च है। उन्होंने शिक्षकों से शिक्षा के ध्येय वाक्य ‘यदि बच्चे उत्कृष्ट होंगे तो स्कूल भी उत्कृष्ट होगा’ को हमेशा ध्यान में रखने की अपील की।

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 को ध्यान में रखते हुए भारत को गुरुत्व केंद्र के रूप में विकसित करने में शिक्षकों और प्राचार्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

कार्यक्रम में डीएमएस महासमुंद के पूर्व प्राचार्य सतीश कुमार पांडे, डॉ. प्रधान के बड़े भाई एवं साहित्यकार प्रवीण ‘प्रवाह’ तथा उनकी माता छायापति प्रधान ने भी संबोधित किया। परिवार के सदस्यों, शिक्षकों, पूर्व विद्यार्थियों, पंचायत प्रतिनिधियों, पत्रकारों और ग्रामीणों ने डॉ. प्रधान को उपहार भेंट कर शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम का संचालन भीषम लाल सिन्हा, ज्योति भास्कर और पूर्व छात्रा किरण विश्वास ने संयुक्त रूप से किया। प्राचार्य अरुण कुमार बैनर्जी ने अतिथियों, विद्यालय परिवार और ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया।

पाठकों की पसंद

सबसे अधिक पढ़े गए

पिछले 7 दिनों के आधार पर