नागपुर में फायरिंग: राजनांदगांव में छिपे थे शूटर, होटल से दो गिरफ्तार

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मुख्य शूटर समेत दो आरोपी छत्तीसगढ़ से पकड़े गए; 500 CCTV और 25 हजार कॉल रिकॉर्ड से पुलिस पहुंची राजनांदगांव

रायपुर, 9 सितंबर, वाय के न्यूज।
नागपुर में कांग्रेस नगरसेवक शुभम मोटघरे के घर पर फायरिंग के बाद आरोपी छत्तीसगढ़ पहुंच गए थे। मुख्य शूटर अंकुश झनक तोमसकर और अमित मधुकर ठाकरे राजनांदगांव में छिपे थे, जहां से नागपुर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया। यह जानकारी नागपुर के मामले में सामने आई जांच के आधार पर मराठी दैनिक लोकसत्ता ने दी है।

26 अगस्त को नागपुर के भांडेवाड़ी इलाके में शुभम मोटघरे के घर पर गोली चलाई गई थी। जांच में पुलिस ने अंकुश तोमसकर को गोली चलाने वाला मुख्य शूटर बताया है। पुलिस के मुताबिक फायरिंग के बाद आरोपी अलग-अलग राज्यों में भाग गए थे। अंकुश को राजनांदगांव से गिरफ्तार किया गया, जबकि मामले में शामिल अन्य आरोपियों को भी अलग-अलग स्थानों से पकड़ा गया।

500 CCTV और 25 हजार कॉल रिकॉर्ड खंगाले

आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने करीब 500 CCTV फुटेज और 25 हजार कॉल रिकॉर्ड की जांच की। इसके साथ ही मोबाइल फोन और आर्थिक लेन-देन की भी पड़ताल की गई। जांच में आठ मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।

जांच में सामने आया कि फायरिंग की योजना पहले से बनाई गई थी। आरोपियों के बीच हुई बातचीत और डिजिटल सुरागों के आधार पर पुलिस ने उनकी गतिविधियों का पीछा किया और अंततः राजनांदगांव तक पहुंची।

फायरिंग के बाद राजनांदगांव में ठिकाना

पुलिस की जांच के मुताबिक फायरिंग के बाद अंकुश तोमसकर और अमित ठाकरे राजनांदगांव में ठहरे हुए थे। दोनों को वहीं से गिरफ्तार किया गया। हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों में दोनों को छत्तीसगढ़ का मूल निवासी नहीं बताया गया है। इसलिए उनका संबंध फिलहाल राजनांदगांव में गिरफ्तारी और घटना के बाद वहां छिपने तक ही सामने आता है।

सात आरोपी गिरफ्तार, मुख्य सूत्रधार फरार

इस मामले में पुलिस ने कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में अंकुश तोमसकर, अमित ठाकरे, ऋषभ उर्फ छोटू नागदेवे, रोमित उर्फ पुल्या वाहने, ऋषभ पैथल, केतन माटे और कार्तिक तोमसकर शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार मामले का कथित मुख्य सूत्रधार विशाल गुप्ता उर्फ फल्ली अभी फरार है। जांच में उसे मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़ा बताया गया है। पुलिस फायरिंग के पीछे की पूरी साजिश और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

नागपुर पुलिस आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई की तैयारी भी कर रही है।

एआई फ़ीचर्ड फोटो

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