2019 में मिला था ‘बी ग्रेड’, पांच साल के लिए मिली नई मान्यता; शिक्षण, शोध और किसान प्रसार को आधार बनाया गया
रायपुर, 9 सितंबर, वाय के न्यूज।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की राष्ट्रीय कृषि शिक्षा अधिमान्यता बोर्ड ने ‘ए ग्रेड’ के साथ अधिमान्यता दी है। विश्वविद्यालय और उसके अंतर्गत संचालित विभिन्न महाविद्यालयों के स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध कार्यक्रमों को मार्च 2024 से मार्च 2029 तक के लिए यह अधिमान्यता मिली है।
विश्वविद्यालय के लिए यह उपलब्धि इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ICAR की वर्ष 2019 की अधिमान्यता सूची में उसे ‘बी ग्रेड’ मिला था। इस बार ग्रेड में सुधार कर ‘ए’ तक पहुंचा है। विश्वविद्यालय के मुताबिक पिछले चार वर्षों में शिक्षण, अनुसंधान, अधोसंरचना और कृषि प्रसार के क्षेत्र में किए गए कामों का अधिमान्यता प्रक्रिया में मूल्यांकन किया गया।

शिक्षण से लेकर किसानों तक तकनीक पहुंचाने का आकलन
ICAR की ग्रेडिंग में केवल कक्षाओं और भवनों को ही आधार नहीं बनाया गया। शिक्षण व्यवस्था, प्रयोगशालाओं, लाइब्रेरी और छात्रावास जैसी अधोसंरचनाओं के साथ छात्र-शिक्षक अनुपात, पाठ्यक्रम, प्रवेश प्रक्रिया, मूल्यांकन व्यवस्था, छात्रवृत्ति और छात्र कल्याण जैसे पहलुओं का भी परीक्षण किया गया।
शोध एवं अनुसंधान की गुणवत्ता, नवाचार, किसानों तक कृषि तकनीकों का हस्तांतरण और विद्यार्थियों के प्लेसमेंट की स्थिति को भी मूल्यांकन में शामिल किया गया।

‘ए ग्रेड’ से वित्तीय सहयोग के रास्ते खुलेंगे
विश्वविद्यालय का कहना है कि बेहतर ग्रेड मिलने से केंद्र सरकार, ICAR, राज्य सरकार और विभिन्न राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय शोध संस्थाओं से शिक्षण एवं अनुसंधान परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहयोग की संभावनाएं बढ़ेंगी। अधोसंरचना विकास, प्रयोगशालाओं, छात्रावास, पुस्तकालय और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार में भी इसका लाभ मिल सकता है।
इसके अलावा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ अकादमिक एवं शोध सहयोग बढ़ने तथा दूसरे राज्यों और विदेशों से विद्यार्थियों को आकर्षित करने की संभावना भी है।
चार वर्षों में नए कॉलेज और स्मार्ट कक्षाओं पर जोर
विश्वविद्यालय के अनुसार कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल के चार वर्षीय कार्यकाल में नए कृषि महाविद्यालयों की स्थापना, विद्यार्थियों की प्रवेश संख्या में वृद्धि, स्मार्ट कक्षाओं, छात्रावासों और आधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण किया गया।
स्नातक पाठ्यक्रमों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है। शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों की भर्ती के साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ शैक्षणिक संबंध मजबूत करने का भी दावा किया गया है। विद्यार्थियों को विदेशों में उच्च शिक्षा और शोध के अवसर उपलब्ध कराने तथा डिग्री प्रमाणपत्रों को डिजिलॉकर पर उपलब्ध कराने जैसी डिजिटल पहल भी की गई हैं

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कृषि मंत्री ने दी बधाई
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने ‘ए ग्रेड’ अधिमान्यता मिलने पर कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल और विश्वविद्यालय के सहयोगियों को बधाई दी है। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
