रायपुर, 3 अगस्त। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) आधारित सेवाओं का लगातार विस्तार कर यात्रियों के लिए रेल यात्रा को अधिक डिजिटल, तेज और सुविधाजनक बना रहा है। डिजिटल इंडिया मिशन के तहत टिकट बुकिंग से लेकर भुगतान और अन्य यात्री सेवाओं को ऑनलाइन एवं कैशलेस बनाया जा रहा है।
रेलवे के अनुसार, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 56 स्टेशनों पर 120 ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) तथा 12 स्टेशनों पर 26 मोबाइल यूटीएस (एम-यूटीएस) प्रणाली संचालित है। डिजिटल टिकटिंग में एटीवीएम सबसे अधिक लोकप्रिय माध्यम बनकर उभरा है, जिसके जरिए कुल डिजिटल टिकटों का 37.07 प्रतिशत जारी किया जा रहा है।

यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने 19 यात्री टिकट सुविधा केंद्र (वाईटीएसके) और 4 जन टिकट बुकिंग सेवक (जेटीबीएस) केंद्र भी संचालित किए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर टिकट बुकिंग आसान हुई है।
डिजिटल भुगतान में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) के माध्यम से डिजिटल भुगतान का प्रतिशत वर्ष 2021-22 के 1.58 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई 2026 तक 41.61 प्रतिशत पहुंच गया है। वहीं एटीवीएम से 19.67 प्रतिशत, यूटीएस से 11.34 प्रतिशत और स्टेशन टिकट बुकिंग एजेंट (एसटीबीए) के माध्यम से 10.49 प्रतिशत भुगतान डिजिटल तरीके से हो रहे हैं। रेलवे का कहना है कि यात्री तेजी से यूपीआई, क्यूआर कोड और अन्य डिजिटल भुगतान माध्यम अपना रहे हैं।
तत्काल टिकट बुकिंग को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए 25 जुलाई 2026 से बिलासपुर आरक्षण कार्यालय में सेल्फ-डिस्पेंसिंग पेपरलेस टोकन सिस्टम शुरू किया गया है। इससे टोकन वितरण में पारदर्शिता बढ़ी है और भीड़भाड़ कम हुई है।
रेलवे ने बताया कि भारतीय रेल का एकीकृत रेलवन ऐप भी यात्रियों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। इस ऐप के माध्यम से टिकट बुकिंग, ट्रेन की जानकारी और ‘रेल मदद’ जैसी कई सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध हैं।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का कहना है कि भविष्य में भी डिजिटल टिकटिंग, कैशलेस भुगतान और आईटी आधारित यात्री सुविधाओं का विस्तार जारी रखा जाएगा, ताकि यात्रियों को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और आधुनिक सेवाएं मिल सकें।
