नाबालिगों तक तंबाकू उत्पादों की पहुंच रोकने और तंबाकू मुक्त गांव-स्कूल बनाने पर चर्चा
रायपुर, 13 अगस्त 2026। वाय के न्यूज। छत्तीसगढ़ में तंबाकू के इस्तेमाल को कम करने के लिए कोटपा कानून, 2003 को सख्ती से लागू करने पर जोर दिया जा रहा है। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत गुरुवार को नवा रायपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में इस कानून के पालन को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला की अध्यक्षता स्वास्थ्य सेवाओं के अपर संचालक इंद्रजीत बर्मन ने की। इसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ दूसरे विभागों और तंबाकू नियंत्रण से जुड़े अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
मुंबई से आईं वाइटल स्ट्रैटजीज की डॉ. चंद्रावली मदान ने तंबाकू से होने वाले नुकसान और लोगों को इससे दूर रखने के उपायों की जानकारी दी। डॉ. हंसा कंडू ने कहा कि तंबाकू नियंत्रण के लिए अलग-अलग विभागों और संस्थाओं को मिलकर काम करना जरूरी है।
बच्चों तक तंबाकू पहुंचने से रोकने पर जोर
कार्यशाला में खास तौर पर नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद मिलने से रोकने पर चर्चा हुई। अधिकारियों को बताया गया कि कम उम्र में तंबाकू की शुरुआत रोकने के लिए दुकानों और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी बढ़ाने और कानून का पालन सुनिश्चित करने की जरूरत है।
इसके अलावा तंबाकू मुक्त स्कूल, गांव और समुदाय बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की गई। जिला स्तर पर तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की प्रगति और ऑनलाइन रिकॉर्ड (एमआईएस) को अपडेट करने की स्थिति भी देखी गई।
कई विभागों के अधिकारी हुए शामिल
प्रशिक्षण में जिला नोडल अधिकारी, जिला सलाहकार, सामाजिक कार्यकर्ता, दंत चिकित्सक, खाद्य एवं औषधि विभाग के प्रतिनिधि और एनजीओ से जुड़े लोग शामिल हुए।
अपर संचालक इंद्रजीत बर्मन ने कहा कि तंबाकू का इस्तेमाल कम करने के लिए जागरूकता के साथ कानून का सख्ती से पालन भी जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग का जोर विभागों के आपसी सहयोग और लोगों की भागीदारी से प्रदेश में तंबाकू मुक्त माहौल बनाने पर है।
