छत्तीसगढ़ के 42 नर्सिंग कॉलेज आईएनसी की सूची से बाहर, छात्रों के भविष्य पर उठे सवाल

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रायपुर के 15, बिलासपुर के 7 और दुर्ग के 6 कॉलेज शामिल; आईएनसी की धारा 14 की कार्रवाई से मचा हड़कंप

रायपुर, 17 अगस्त। वाय के न्यूज। छत्तीसगढ़ में नर्सिंग शिक्षा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) की ताजा सूची में प्रदेश के 42 नर्सिंग कॉलेज बाहर हो गए हैं। सूची सामने आने के बाद इन संस्थानों में पढ़ रहे हजारों विद्यार्थियों के पंजीयन, परीक्षा और आगे नौकरी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

आईएनसी की आधिकारिक वेबसाइट पर धारा 14 के तहत मान्यता वापस लिए गए नर्सिंग संस्थानों की सूची जारी की गई है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि ऐसे संस्थानों से मान्यता प्राप्त योग्यता रखने वाला व्यक्ति केवल उसी राज्य में पंजीयन का पात्र होगा, जहां से उसने योग्यता हासिल की है। इसका सीधा असर दूसरे राज्यों में नौकरी या पंजीयन की संभावनाओं पर पड़ सकता है।

ताजा उपलब्ध जानकारी के अनुसार आईएनसी की सूची से बाहर हुए 42 संस्थानों में सबसे ज्यादा 15 रायपुर जिले के हैं। इसके अलावा बिलासपुर के 7, दुर्ग के 6, राजनांदगांव के 5, बलरामपुर के 2 और सरगुजा के 2 कॉलेज शामिल बताए गए हैं। बस्तर, गरियाबंद, महासमुंद, रायगढ़ और सूरजपुर के एक-एक कॉलेज भी सूची से बाहर बताए गए हैं।

हालांकि, इसे सभी मामलों में कॉलेज की पूरी मान्यता रद्द होना मानना जल्दबाजी होगी। नर्सिंग संस्थान के लिए राज्य नर्सिंग परिषद की मान्यता, संबंधित विश्वविद्यालय से संबद्धता और आईएनसी की उपयुक्तता अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। इसलिए प्रभावित कॉलेजों की स्थिति को पाठ्यक्रम और संबंधित अनुमति के स्तर पर अलग-अलग देखना होगा।

आईएनसी की कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर है। बीएससी नर्सिंग, जीएनएम और अन्य नर्सिंग पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के सामने परीक्षा, पंजीयन, डिग्री की मान्यता और दूसरे राज्यों में रोजगार जैसे सवाल खड़े हो गए हैं।

इंडियन नर्सिंग काउंसिल के नियमों के मुताबिक नर्सिंग संस्थानों को निर्धारित भवन, प्रयोगशाला, शिक्षकीय स्टाफ, क्लीनिकल प्रशिक्षण और अन्य आधारभूत मानकों को पूरा करना होता है। आईएनसी की उपयुक्तता इसी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

छत्तीसगढ़ में इस मुद्दे को लेकर पहले से ही न्यायिक विवाद चल रहे हैं। जुलाई 2026 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के समक्ष बिलासा इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग सहित कई संस्थानों से जुड़े मामले पहुंचे, जिनमें आईएनसी की उपयुक्तता और नर्सिंग पाठ्यक्रमों की अनुमति से जुड़े मुद्दे उठाए गए थे।

नर्सिंग कॉलेज एसोसिएशन ने आईएनसी की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। एसोसिएशन के अनुसार सूची में ऐसे करीब 10 संस्थान भी बताए जा रहे हैं, जिन्हें हाईकोर्ट से राहत या स्थगन आदेश मिला हुआ है। ऐसे में प्रत्येक कॉलेज की अलग-अलग कानूनी और नियामकीय स्थिति सामने आना जरूरी है।

इस बीच विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे अपने कॉलेज की मौजूदा स्थिति की पुष्टि छत्तीसगढ़ नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल, संबंधित विश्वविद्यालय और आईएनसी की आधिकारिक सूची से करें।

आईएनसी की वेबसाइट पर वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए उपयुक्त पाए गए संस्थानों की अलग सूची तथा धारा 14 के तहत मान्यता वापस लिए गए संस्थानों की सूची उपलब्ध है।

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