टेक्सटाइल से सेमीकंडक्टर तक निवेश की नई जमीन
टेक्सटाइल पार्क में करीब 10 हजार रोजगार का लक्ष्य, फार्मा पार्क में 2 हजार करोड़ के निवेश की तैयारी; इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी बढ़ी गतिविधियां
रायपुर, 17 अगस्त। वाय के न्यूज। नवा रायपुर अटल नगर की पहचान अब केवल प्रशासनिक राजधानी के रूप में नहीं, बल्कि औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए केंद्र के रूप में भी विकसित हो रही है। टेक्सटाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं से शहर में विनिर्माण और तकनीकी गतिविधियों का दायरा बढ़ रहा है।
नवा रायपुर में अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भूमि आवंटन, निवेश समझौते और नई इकाइयों की स्थापना का सिलसिला चल रहा है। इन परियोजनाओं में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की संभावना जताई गई है।

टेक्सटाइल पार्क में 10 हजार रोजगार का लक्ष्य
लेयर-2 के ग्राम कुर्रू में 100 एकड़ में टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। इसके लिए छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (सीएसआईडीसी) को भूमि आवंटित की गई है।
स्विफ्ट टेक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड ने जून 2026 में 235 करोड़ रुपये के निवेश से गारमेंट निर्माण इकाई का भूमिपूजन किया। इस इकाई से करीब 4,650 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
पुनीत क्रिएशन के साथ 175 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता भी किया गया है। दोनों परियोजनाओं को मिलाकर टेक्सटाइल पार्क में करीब 10 हजार रोजगार का लक्ष्य रखा गया है।

132 एकड़ में फार्मा पार्क
सेक्टर-22 में 132 एकड़ भूमि पर फार्मा पार्क विकसित करने की योजना है। इसके लिए भी सीएसआईडीसी को भूमि आवंटित की गई है।
परियोजना में करीब 2,000 करोड़ रुपये के निवेश और लगभग 1,400 रोजगार सृजन का लक्ष्य बताया गया है। टोरेंट फार्मा, एविला फार्मास्युटिकल्स और विटालिस हेल्थ के साथ कुल 735 करोड़ रुपये के एमओयू किए जाने की जानकारी दी गई है।
फार्मा पार्क से दवा निर्माण के साथ पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायक औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को भी बढ़ावा
नवा रायपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू उपकरण निर्माण की गतिविधियां भी शुरू हो चुकी हैं। यश फैंस ने 110 करोड़ रुपये के निवेश से होम अप्लायंसेज निर्माण इकाई स्थापित की है।
इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है। यहां पीसीबी प्रोटोटाइपिंग, 3डी प्रिंटिंग और ईएमसी टेस्टिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
एमएसएमई क्षेत्र में रोजगार की बड़ी संभावना
नवा रायपुर के सेक्टर-05 में विनिर्माण क्षेत्र के लिए भूमि आवंटित की गई है। यहां फिलहाल 1,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की जानकारी दी गई है। भविष्य में इस क्षेत्र से 12 हजार से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना जताई गई है।
बड़े उद्योगों के साथ एमएसएमई इकाइयों के विस्तार से स्थानीय विनिर्माण और सहायक औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
आईटी और डेटा सेंटर की ओर बढ़ता शहर
नवा रायपुर में औद्योगिक गतिविधियों के साथ डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार भी तैयार किया जा रहा है। शहर में 2,000 सीटों वाला प्लग एंड प्ले आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है, जहां स्क्वायर बिजनेस सर्विसेज, व्राइज इंडिया और विजन प्लस जैसी कंपनियां काम कर रही हैं।
सेक्टर-22 में सीबीडी रेलवे स्टेशन के पास करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से एआई आधारित डेटा सेंटर पार्क विकसित किया जा रहा है। इसे रैकबैंक करीब 13.5 एकड़ क्षेत्र में विकसित कर रही है। परियोजना के एक हिस्से को विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) के रूप में विकसित किया जाना है।
इसके अलावा कंट्रोल-एस (CtrlS) की ओर से भी नवा रायपुर में डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना है।
5जी-6जी चिप निर्माण की तैयारी
इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग आधारित एक अन्य एसईजेड को भी मंजूरी दी गई है। इसमें पॉलीमेटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की ओर से 5जी और 6जी तकनीक के लिए गैलियम नाइट्राइड (GaN) आधारित सेमीकंडक्टर चिप्स के उत्पादन की योजना है।
इससे नवा रायपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के साथ उन्नत तकनीक आधारित औद्योगिक गतिविधियों का आधार तैयार होने की उम्मीद है।
लॉजिस्टिक्स ढांचे के विस्तार की योजना
औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ लॉजिस्टिक्स और परिवहन सुविधाओं को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नवा रायपुर में सीबीडी रेलवे स्टेशन संचालित है। सेक्टर-1 और सेक्टर-40 में आधुनिक लॉजिस्टिक्स हब प्रस्तावित हैं।
इन सुविधाओं के विकसित होने से औद्योगिक इकाइयों तक कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों की आवाजाही को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
रोजगार के लिहाज से बदल रही नवा रायपुर की तस्वीर
टेक्सटाइल, फार्मा और एमएसएमई क्षेत्रों में प्रस्तावित रोजगार के आंकड़ों को देखें तो अकेले इन तीन क्षेत्रों में भविष्य में 23 हजार से अधिक रोजगार की संभावनाएं बताई गई हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर परियोजनाओं से तकनीकी और कौशल आधारित रोजगार के नए अवसर बनने की संभावना है।
इस तरह नवा रायपुर में औद्योगिक विकास का दायरा पारंपरिक विनिर्माण से आगे बढ़कर फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिजिटल सेवाओं और सेमीकंडक्टर जैसे नए क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। यदि प्रस्तावित परियोजनाएं निर्धारित रूप में जमीन पर उतरती हैं, तो आने वाले वर्षों में नवा रायपुर की आर्थिक पहचान प्रशासनिक राजधानी के साथ एक बड़े निवेश और रोजगार केंद्र के रूप में भी बन सकती है।
