स्वास्थ्य मंत्री बोले- प्रदेश में तैयार होगा प्रशिक्षित हेल्थ वर्कफोर्स, युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर
रायपुर, 30 जुलाई 2026, वाय के न्यूज। छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गुरुवार को बताया कि इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य संस्थानों के लिए प्रशिक्षित तकनीकी एवं पैरामेडिकल मानव संसाधन तैयार करना और युवाओं को स्वास्थ्य क्षेत्र में रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराना है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू होने से अस्पतालों में प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता बढ़ेगी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।
पत्रकार वार्ता में उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34.29 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। अभियान के दौरान मलेरिया, टीबी, सिकल सेल, कुष्ठ रोग और मुख कैंसर सहित विभिन्न बीमारियों की पहचान कर उपचार शुरू किया गया तथा 60 हजार से अधिक गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में मलेरिया नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है और सरकार का लक्ष्य मलेरिया से एक भी मृत्यु नहीं होने देना है। बस्तर संभाग में मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60 प्रतिशत से घटकर 0.48 प्रतिशत हो गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में 11.89 लाख से अधिक संस्थागत प्रसव हुए हैं। वहीं 375 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस के माध्यम से जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 6.50 लाख से अधिक लोगों को आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य के 1,051 स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक पैथोलॉजी जांच सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। खाद्य सुरक्षा के संबंध में उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश में एनॉलॉग पनीर के उपयोग और बिक्री पर प्रभावी रोक सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
