रायपुर, 22 अगस्त। वाय के न्यूज। अभनपुर क्षेत्र के पारागांव में सरकारी स्कूल परिसर में उप स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद दूसरे दिन भी जारी रहा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, स्कूल की छात्राओं के लिए बने महिला शौचालय को निर्माण के दौरान हटाए जाने के विरोध में छात्र-छात्राओं ने आंदोलन किया। 21 अगस्त को छात्राओं के सड़क पर उतरने और चक्काजाम की खबर सामने आई थी। 22 अगस्त को छात्रों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर विरोध किया।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पारागांव के सरकारी मिडिल स्कूल परिसर में उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण के लिए महिला शौचालय हटाए जाने से छात्र-छात्राओं में नाराजगी है। छात्रों की मांग है कि उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए स्कूल परिसर के बजाय दूसरी जगह का चयन किया जाए और छात्राओं के लिए शौचालय की व्यवस्था की जाए।
मीडिया रिपोर्टों में ग्रामीणों और स्कूल से जुड़े लोगों की आपत्ति का भी उल्लेख है। निर्माण के दौरान स्कूल परिसर में पेड़ की टहनियां काटे जाने को लेकर भी शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण और शौचालय हटाए जाने को लेकर पहले भी आपत्ति जताई गई थी।
घटनाक्रम में एक दिन के भीतर बदलाव आया है। 21 अगस्त को विरोध सड़क तक पहुंचा था और 22 अगस्त को स्कूल में तालाबंदी की गई। इससे विवाद के समाधान को लेकर प्रशासनिक स्तर पर उठाए गए कदमों पर भी सवाल सामने आए हैं।
इस पूरे मामले में अब तक उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों में छात्रों और ग्रामीणों की मांगें सामने आई हैं। इसके विपरीत, संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से शौचालय हटाने के निर्णय, स्वास्थ्य केंद्र के लिए स्कूल परिसर के चयन, वैकल्पिक शौचालय की व्यवस्था और विवाद के समाधान को लेकर कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान प्रमुखता से सामने नहीं आया है।
हालांकि प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई है, ऐसा निष्कर्ष निकालना अभी उचित नहीं होगा। संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी।
पारागांव का मामला ऐसे समय सामने आया है जब राज्य सरकार ने स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय निर्माण को लेकर अभियान शुरू किया है। ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान के तहत प्रदेश के 6,671 स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय निर्माण की योजना बताई गई है।
एक ओर बालिकाओं के लिए स्कूलों में शौचालय सुविधा बढ़ाने की योजना चल रही है, वहीं पारागांव में छात्राएं इसी सुविधा को लेकर विरोध कर रही हैं। इस वजह से दोनों घटनाक्रमों का एक साथ सामने आना उल्लेखनीय है।
अब इस मामले में प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि स्कूल परिसर में उप स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए स्थान का चयन किस आधार पर किया गया, महिला शौचालय हटाने का निर्णय किस स्तर पर हुआ, क्या छात्राओं के लिए वैकल्पिक शौचालय उपलब्ध कराया गया है और 21 अगस्त के विरोध के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं।
पारागांव में 21 और 22 अगस्त के घटनाक्रम के बाद फिलहाल विवाद का केंद्र उप स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण से अधिक उसके लिए चुनी गई जगह और स्कूल की छात्राओं की शौचालय सुविधा बन गया है। प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विवाद के समाधान के लिए क्या निर्णय लिया गया है।
(फोटो CG न्यूज से साभार)
