मुंबई, 05 अगस्त, 2026, वाय के न्यूज। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। केंद्रीय बैंक ने प्रमुख नीतिगत दर को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का फैसला किया है।
आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि देश की आर्थिक वृद्धि को मजबूत घरेलू मांग का समर्थन मिल रहा है और भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन अपेक्षा से बेहतर रहा है।
गवर्नर ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ है। इसके कारण प्रमुख अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग प्रभावित हो रहे हैं, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और व्यापार पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए खुदरा महंगाई (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-सीपीआई) का अनुमान 5.1 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया है। केंद्रीय बैंक का मानना है कि महंगाई के मोर्चे पर स्थिति पहले के अनुमान की तुलना में कुछ बेहतर रहने की संभावना है।
रेपो रेट स्थिर रहने से फिलहाल बैंकों की उधारी लागत में तत्काल कोई बदलाव नहीं होगा। ऐसे में गृह, वाहन और अन्य ऋणों की ब्याज दरों में भी निकट भविष्य में बड़े बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है।
