नई दिल्ली, 25 जुलाई 2026, वाय के न्यूज। अमेरिका ने बेगार (Forced Labour) से बने उत्पादों के आयात को लेकर व्यापार अधिनियम की धारा 301 के तहत अंतिम उपायों की घोषणा कर दी है। इन उपायों के तहत भारत से आयात होने वाले कुछ उत्पादों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है। यह पहले प्रस्तावित 12.5 प्रतिशत शुल्क से कम है।
भारत सरकार ने कहा कि जांच के दौरान उसने अमेरिका के साथ लगातार बातचीत की, लिखित जवाब दिए और सार्वजनिक सुनवाई में भी अपना पक्ष रखा। इसी का परिणाम है कि भारत को कम शुल्क वाली श्रेणी में रखा गया है, जिससे भारतीय निर्यातकों को अन्य कई देशों की तुलना में राहत मिलेगी।

इन उत्पादों पर नहीं लगेगा अतिरिक्त शुल्क
सरकार के अनुसार, भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले कई प्रमुख उत्पाद इस अतिरिक्त शुल्क के दायरे से बाहर रहेंगे। इनमें जेनेरिक दवाइयां, स्मार्टफोन और कुछ अन्य विशेष उत्पाद शामिल हैं।
इसके अलावा, जिन उत्पादों पर पहले से ही अमेरिका के धारा 232 के तहत शुल्क लागू है, जैसे स्टील, एल्युमीनियम और ऑटो पार्ट्स, उन पर यह नया 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।
भारत के 45% निर्यात पर असर नहीं
सरकार का कहना है कि इन छूटों के कारण अमेरिका को होने वाले भारत के लगभग 45 प्रतिशत निर्यात पर नए शुल्क का असर नहीं पड़ेगा। बाकी 55 प्रतिशत निर्यात पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लागू होगा। इसके बावजूद भारत पर इसका प्रभाव जांच में शामिल अधिकांश अन्य देशों की तुलना में कम रहेगा।
व्यापार समझौते पर जारी है बातचीत
सरकार ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) को लेकर बातचीत जारी है। वस्त्र क्षेत्र से जुड़े प्रावधानों पर भी दोनों देश चर्चा कर रहे हैं। सरकार ने कहा कि वह जल्द से जल्द इस व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम कर रही है।
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