नई दिल्ली, 20 अगस्त। वाय के न्यूज। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की ओर से आयोजित UGC-NET जून 2026 की परीक्षा के तीन विषयों के प्रश्नपत्रों में सामने आई खामियों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठे हैं। कुछ विशेषज्ञों और NTA से जुड़े सूत्रों ने प्रश्नपत्र तैयार करने और अनुवाद में AI के इस्तेमाल का दावा किया है। हालांकि NTA ने generative AI से प्रश्नपत्र तैयार किए जाने के आरोप से इनकार किया है।
यह विवाद UGC-NET के English, Commerce और Sociology विषयों के प्रश्नपत्रों से जुड़ा है। शिकायतों की जांच के बाद NTA ने इन तीन विषयों की पुनर्परीक्षा कराने का फैसला किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार English और Commerce की पुनर्परीक्षा 9 सितंबर, जबकि Sociology की पुनर्परीक्षा 10 सितंबर 2026 को होगी।
प्रश्नपत्रों में मिलीं कई तरह की खामियां
जांच के दौरान प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टाइपोग्राफिकल, भाषा और अनुवाद संबंधी त्रुटियों के अलावा कुछ प्रश्नों के दोहराए जाने की शिकायतों का भी उल्लेख सामने आया। इन खामियों की जांच के लिए NTA ने विशेषज्ञ समिति का गठन किया था।
प्रश्नपत्रों में पहले पूछे जा चुके प्रश्नों की पुनरावृत्ति को लेकर भी अभ्यर्थियों की शिकायतें सामने आई थीं। हालांकि इन त्रुटियों या प्रश्नों की पुनरावृत्ति के लिए AI को जिम्मेदार ठहराने का कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
AI को लेकर दो अलग दावे
मामले में एक ओर कुछ विशेषज्ञों और NTA से जुड़े सूत्रों ने दावा किया है कि प्रश्न तैयार करने अथवा अनुवाद की प्रक्रिया में AI का इस्तेमाल हुआ। दूसरी ओर NTA ने इस दावे का खंडन किया है। एजेंसी ने generative AI द्वारा प्रश्नपत्र तैयार किए जाने से इनकार किया है।
इसलिए फिलहाल यह कहना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं होगा कि UGC-NET के विवादित प्रश्नपत्र AI ने तैयार किए थे या प्रश्नपत्रों में हुई गलतियां AI के कारण हुईं।
NTA में प्रश्नपत्र जांच की नई व्यवस्था
प्रश्नपत्रों को लेकर उठे विवाद के बीच NTA की परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव की भी रिपोर्ट है। करीब 600 विषय विशेषज्ञों को NTA के पैनल से हटाया गया है और नए विशेषज्ञों को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
नई व्यवस्था में प्रश्नपत्रों को परीक्षा से पहले चार स्तरों की जांच से गुजारने की व्यवस्था किए जाने की जानकारी सामने आई है। परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े बुनियादी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी बदलाव किए जा रहे हैं।
पुनर्परीक्षा का फैसला
तीन विषयों के प्रश्नपत्रों में मिली खामियों के बाद NTA ने पुनर्परीक्षा का निर्णय लिया है। इस फैसले से संबंधित अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा देनी होगी।
इस पूरे घटनाक्रम में AI को लेकर फिलहाल उपलब्ध तथ्य यही हैं कि AI के इस्तेमाल का दावा कुछ विशेषज्ञों और सूत्रों ने किया है, जबकि NTA ने generative AI से प्रश्नपत्र तैयार किए जाने से इनकार किया है। इसलिए प्रश्नपत्रों की खामियों और AI के इस्तेमाल के बीच सीधे कारण-परिणाम का संबंध स्थापित नहीं हुआ है।
