रिंकू ढुग्गा को दी गई थी अनिवार्य सेवानिवृत्ति; CAT और दिल्ली हाईकोर्ट के बहाली आदेश के खिलाफ केंद्र की अपील पर सुनवाई
नई दिल्ली, 10 सितंबर। वाय के न्यूज़।
सुप्रीम कोर्ट ने IAS अधिकारी रिंकू ढुग्गा की बहाली पर रोक लगा दी है। ढुग्गा को केंद्र सरकार ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी थी, लेकिन केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) ने उनकी बहाली का आदेश दिया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने भी 15 अप्रैल को इस आदेश को बरकरार रखा था।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने केंद्र सरकार की अपील पर रिंकू ढुग्गा को नोटिस जारी किया और अंतरिम आदेश में उनकी बहाली पर रोक जारी रखने को कहा। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी।
2022 में सामने आया था त्यागराज स्टेडियम का विवाद
रिंकू ढुग्गा और उनके पति संजीव खिरवार पर 2022 में दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम को खिलाड़ियों के लिए निर्धारित समय से पहले खाली करवाने का आरोप लगा था, ताकि वे अपने कुत्ते को वहां टहला सकें। उस समय दोनों अधिकारियों ने आरोपों से इनकार किया था। विवाद के बाद संजीव खिरवार का तबादला लद्दाख और रिंकू ढुग्गा का अरुणाचल प्रदेश किया गया था।
हाईकोर्ट ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति पर उठाए थे सवाल
रिंकू ढुग्गा ने अनिवार्य सेवानिवृत्ति के खिलाफ CAT का रुख किया था। हाईकोर्ट ने बहाली के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा था कि समीक्षा समिति ने उनकी सेवा संबंधी सभी पहलुओं पर पर्याप्त विचार नहीं किया।
अदालत के अनुसार उनकी वार्षिक प्रदर्शन रिपोर्ट में प्रतिकूल टिप्पणी नहीं थी, पिछले वर्षों में उनकी ग्रेडिंग उत्कृष्ट रही थी और उन्हें पदोन्नति के लिए भी विचार किया गया था। हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति का इस्तेमाल ऐसे अधिकारियों को हटाने के लिए किया जाता है जिन्हें सेवा में बनाए रखना उपयोगी नहीं माना जाता, लेकिन उपलब्ध रिकॉर्ड से ढुग्गा के मामले में ऐसा निष्कर्ष उचित नहीं था।
अब सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल बहाली पर रोक लगाते हुए मामले को आगे सुनवाई के लिए रखा है।
