रजिस्ट्रेशन से लेकर रिपोर्टिंग तक की पूरी तैयारी अभी से करें, एक गलती भी गंवा सकती है सीट
नई दिल्ली/रायपुर, 3 अगस्त, वाय के न्यूज। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) 5 अगस्त से NEET-UG 2026 की अखिल भारतीय कोटा (AIQ) काउंसलिंग शुरू करने जा रही है। ऐसे में एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए समय रहते तैयारी करना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि काउंसलिंग के दौरान छोटी-सी चूक भी सीट गंवाने का कारण बन सकती है।
सबसे पहले करें रजिस्ट्रेशन
अभ्यर्थियों को MCC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर समय सीमा के भीतर ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के बाद निर्धारित शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा। शुल्क जमा किए बिना आवेदन पूरा नहीं माना जाएगा।
दस्तावेज पहले से रखें तैयार
काउंसलिंग शुरू होने से पहले सभी जरूरी दस्तावेजों की मूल प्रति और फोटोकॉपी तैयार रखें। इनमें सामान्यतः NEET-UG 2026 स्कोर कार्ड, एडमिट कार्ड, कक्षा 10 एवं 12 की अंकसूची, जन्मतिथि प्रमाण, पहचान पत्र, पासपोर्ट आकार के फोटो, श्रेणी प्रमाणपत्र (यदि लागू हो), दिव्यांग प्रमाणपत्र (यदि लागू हो) तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज शामिल हैं।
सोच-समझकर भरें कॉलेजों की पसंद
रजिस्ट्रेशन के बाद सबसे महत्वपूर्ण चरण चॉइस फिलिंग का होता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि केवल लोकप्रिय कॉलेजों पर निर्भर न रहें। अपनी रैंक, पिछले वर्षों के कटऑफ, शुल्क, स्थान और पसंदीदा पाठ्यक्रम को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक विकल्प भरें। चॉइस लॉक करने से पहले सूची को दोबारा अवश्य जांच लें।
सीट मिलने पर समय पर करें रिपोर्टिंग
यदि किसी राउंड में सीट आवंटित होती है, तो निर्धारित समय के भीतर संबंधित मेडिकल कॉलेज में रिपोर्ट करना जरूरी होगा। तय समय में रिपोर्ट नहीं करने पर सीट निरस्त हो सकती है और नियमों के अनुसार आगे की काउंसलिंग पर भी असर पड़ सकता है।
राज्य काउंसलिंग पर भी रखें नजर
15 प्रतिशत अखिल भारतीय कोटा (AIQ) के अलावा 85 प्रतिशत राज्य कोटा की काउंसलिंग अलग-अलग राज्यों द्वारा आयोजित की जाती है। छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों ने अभी राज्य काउंसलिंग का विस्तृत कार्यक्रम जारी नहीं किया है। इसलिए अभ्यर्थियों को अपने राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर भी नियमित नजर रखनी चाहिए।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- केवल आधिकारिक वेबसाइटों से ही जानकारी लें।
- रजिस्ट्रेशन, चॉइस फिलिंग और रिपोर्टिंग की अंतिम तिथि न चूकें।
- सभी मूल दस्तावेज सुरक्षित रखें।
- मोबाइल नंबर और ई-मेल सक्रिय रखें, क्योंकि अधिकांश सूचनाएं इन्हीं माध्यमों से मिलती हैं।
- किसी भी अफवाह या सोशल मीडिया पोस्ट के बजाय केवल आधिकारिक अधिसूचना पर भरोसा करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि काउंसलिंग केवल अच्छे अंक का नहीं, बल्कि सही रणनीति का भी खेल है। समय पर तैयारी और सही निर्णय अभ्यर्थी को बेहतर मेडिकल कॉलेज दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
