ऑनलाइन आवेदन से मिलेगी रियायती टिकट की सुविधा, रायपुर मंडल ने जारी किए 236 कार्ड
रायपुर, 3 अगस्त, वाय के न्यूज। भारतीय रेल ने दिव्यांग यात्रियों के लिए रियायती टिकट प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब दिव्यांगजनों को रेलवे कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। वे घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर दिव्यांग आईडी कार्ड बनवा सकेंगे और उसी के आधार पर रियायती रेल टिकट का लाभ ले सकेंगे।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल ने बताया कि यात्री सुविधाओं के विस्तार के साथ दिव्यांगजनों के लिए रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में दिव्यांग-अनुकूल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसी क्रम में दिव्यांग आईडी कार्ड बनाने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है।
दिव्यांग यात्री भारतीय रेल के आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान नाम, जन्मतिथि, चिकित्सकीय विवरण और आवश्यक दस्तावेज जैसे दिव्यांगता प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र तथा अन्य जरूरी प्रमाण-पत्र अपलोड करने होंगे। आवेदन की प्रत्येक प्रक्रिया की जानकारी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजी जाएगी। स्वीकृति के बाद आवेदक स्वयं अपना दिव्यांग आईडी कार्ड डाउनलोड और प्रिंट कर सकेंगे।
रेलवे के अनुसार दृष्टिबाधित और अन्य पात्र दिव्यांग यात्रियों के लिए रियायत प्रमाण-पत्र का नया प्रारूप भी इसी पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है। जिला अस्पताल से प्रमाणित कराने के बाद इसे पुनः पोर्टल पर अपलोड किया जा सकेगा।
दिव्यांग यात्रियों को मिलने वाली किराया रियायत
- द्वितीय श्रेणी, स्लीपर और थर्ड एसी में 75 प्रतिशत तक की छूट।
- प्रथम एसी और द्वितीय एसी में 50 प्रतिशत तक की छूट।
- राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस की सभी श्रेणियों में 25 प्रतिशत तक की छूट।
- पात्र दिव्यांग यात्री के साथ यात्रा करने वाले एक सहचर (Escort) को भी नियमानुसार समान किराया रियायत का लाभ मिलता है।
रायपुर रेल मंडल के अनुसार वर्ष 2025 में 410 ऑनलाइन दिव्यांग आईडी कार्ड जारी किए गए थे, जबकि जुलाई 2026 तक 236 कार्ड जारी किए जा चुके हैं। रेलवे का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था से समय की बचत होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और दिव्यांग यात्रियों को रियायती टिकट प्राप्त करने में सुविधा होगी।
