स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने तैयारियों की समीक्षा की, अफवाहों से बचने की सलाह; आधार व आइरिस सत्यापन समेत बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू
नई दिल्ली, 1 अगस्त 2026, वाय के न्यूज। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने शनिवार को NEET-PG 2026 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और छात्र-केंद्रित बनाने पर जोर दिया। यह परीक्षा 30 अगस्त 2026 को देशभर के लगभग 340 शहरों में स्थित 1,300 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर एक ही शिफ्ट में आयोजित होगी।
समीक्षा बैठक में बताया गया कि इस वर्ष 2,73,183 अभ्यर्थियों ने सफलतापूर्वक पंजीकरण कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.5 प्रतिशत से अधिक है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान पारदर्शिता, निष्पक्षता और तकनीकी सुरक्षा के सर्वोच्च मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
अफवाहों से सावधान रहने की अपील
जेपी नड्डा ने अभ्यर्थियों से परीक्षा से जुड़े किसी भी फर्जी दावे, पेपर लीक या प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने जैसी अफवाहों पर भरोसा नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अंतिम प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले बहुस्तरीय एन्क्रिप्शन और समयबद्ध सुरक्षित प्रक्रिया के तहत तैयार किया जाता है। ऐसे में पहले से प्रश्नपत्र उपलब्ध होने का कोई भी दावा पूरी तरह भ्रामक और धोखाधड़ी है।
उन्होंने अभ्यर्थियों से केवल राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड (NBEMS) और स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने को कहा।
अभ्यर्थियों के लिए प्रमुख बदलाव
इस वर्ष परीक्षा प्रक्रिया में कई छात्र-केंद्रित सुधार किए गए हैं। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के लिए तीन राज्यों की प्राथमिकता देने का विकल्प मिलेगा, जिसमें पत्राचार वाला राज्य पहली प्राथमिकता होगा। परीक्षा शहर की जानकारी परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह पहले उपलब्ध करा दी जाएगी ताकि अभ्यर्थी यात्रा और आवास की तैयारी समय रहते कर सकें।
परीक्षा में 180 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिन्हें हल करने के लिए 210 मिनट का समय मिलेगा। इससे प्रत्येक प्रश्न के लिए औसतन अधिक समय उपलब्ध होगा।
आधार और आइरिस से होगी पहचान
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आवेदन के समय तथा परीक्षा के दिन आधार आधारित प्रमाणीकरण किया जाएगा। यदि किसी अभ्यर्थी का फिंगरप्रिंट सत्यापन सफल नहीं होता है, तो आइरिस (नेत्र) आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा।
बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
परीक्षा केंद्रों की पूर्व जांच और सीलिंग, सीसीटीवी निगरानी, उम्मीदवारों की बायोमेट्रिक पहचान, तलाशी, सिग्नल जैमर, डायनामिक कंप्यूटर सिस्टम, केंद्रीय और क्षेत्रीय कमांड सेंटर से लाइव मॉनिटरिंग तथा स्वतंत्र पर्यवेक्षकों की रियल-टाइम निगरानी की व्यवस्था की गई है। परीक्षा संचालन के लिए 60 हजार से अधिक कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
नकल और धोखाधड़ी पर कड़ी निगरानी
NBEMS ने नकल, धोखाधड़ी और अन्य अनुचित गतिविधियों की शिकायत दर्ज कराने के लिए समर्पित ईमेल व्यवस्था भी शुरू की है। साथ ही अभ्यर्थियों को नियमित रूप से जागरूकता संबंधी सलाह जारी की जाएगी।
बॉक्स : NEET-PG 2026 की 10 बड़ी बातें
- परीक्षा तिथि : 30 अगस्त 2026
- कुल पंजीकृत अभ्यर्थी : 2,73,183
- पिछले वर्ष से 12.5% से अधिक वृद्धि
- लगभग 340 शहरों में परीक्षा
- 1,300 से अधिक परीक्षा केंद्र
- परीक्षा एक ही शिफ्ट में होगी
- 180 प्रश्न, 210 मिनट का समय
- आधार और आइरिस आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन
- 60 हजार से अधिक परीक्षा कर्मियों की तैनाती
- पेपर लीक के दावों को स्वास्थ्य मंत्री ने पूरी तरह भ्रामक बताया।
