बिलासपुर/रायपुर, 1 अगस्त, वाय के न्यूज। देश में बिजली की बढ़ती मांग के बीच ताप विद्युत संयंत्रों के लिए कोयले का रेल परिवहन बढ़ा है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के अनुसार जुलाई 2026 में बिजलीघरों के लिए घरेलू कोयले की ढुलाई पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक रही। इसी महीने रेलवे ने 21.53 मिलियन टन माल का लदान किया, जो एक वर्ष पहले की तुलना में 4.16 प्रतिशत अधिक है।
केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के अनुसार देश में कोयला एवं लिग्नाइट आधारित ताप विद्युत संयंत्रों की स्थापित क्षमता लगभग 230.8 गीगावाट है। अप्रैल-जून 2026 के दौरान देश को उपलब्ध कुल बिजली में 69.54 प्रतिशत हिस्सेदारी ताप विद्युत की रही। गैर-सौर (शाम और रात) के अधिकतम मांग वाले समय में ताप विद्युत संयंत्रों से 188.8 गीगावाट, यानी कुल उत्पादन का लगभग 75 प्रतिशत बिजली उत्पादन दर्ज किया गया।
मंत्रालय के अनुसार 12 जुलाई 2026 की स्थिति में देश के ताप विद्युत संयंत्रों में 42.8 मिलियन टन कोयले का भंडार उपलब्ध था, जो 85 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर (PLF) पर लगभग 14 दिन की आवश्यकता पूरी करने के लिए पर्याप्त माना गया। मंत्रालय ने यह भी बताया कि बिजलीघरों को उनकी दैनिक आवश्यकता के अनुरूप लगातार कोयला उपलब्ध कराया जा रहा है।
रेलवे के आंकड़ों के अनुसार 31 जुलाई 2026 तक चालू वित्त वर्ष में 87.56 मिलियन टन माल का संचयी लदान हुआ, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 2.66 प्रतिशत अधिक है। जुलाई में माल परिवहन से 2,636.58 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि संचयी माल राजस्व 10,490.77 करोड़ रुपये रहा।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल ने जुलाई में 16.04 मिलियन टन माल का लदान किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5.09 प्रतिशत अधिक है। मंडल का जुलाई का माल राजस्व 2,079.89 करोड़ रुपये रहा। 31 जुलाई तक मंडल का संचयी माल लदान 65.19 मिलियन टन और संचयी माल राजस्व 8,139.30 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
प्रमुख वस्तुओं की ढुलाई में कोयला और इस्पात संयंत्रों के लिए कच्चे माल (RMSP) के परिवहन में 4-4 प्रतिशत, लौह अयस्क में 18 प्रतिशत, क्लिंकर में 29 प्रतिशत तथा कंटेनर यातायात में 48 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। रेलवे के अनुसार अप्रैल 2026 से अब तक यात्रियों की अतिरिक्त मांग को देखते हुए 48 स्पेशल ट्रेनों के 140 फेरे भी संचालित किए गए हैं।
बॉक्स : प्रमुख तथ्य
- जुलाई में कुल माल लदान: 21.53 मिलियन टन
- बिजलीघरों के लिए घरेलू कोयला परिवहन: 13% वृद्धि
- संचयी माल लदान (31 जुलाई तक): 87.56 मिलियन टन
- जुलाई माल राजस्व: ₹2,636.58 करोड़
- देश की कोयला-आधारित स्थापित क्षमता: 230.8 गीगावाट
- अप्रैल-जून में कुल बिजली आपूर्ति में ताप विद्युत की हिस्सेदारी: 69.54%
- ताप विद्युत संयंत्रों में उपलब्ध कोयला भंडार: 42.8 मिलियन टन (लगभग 14 दिन की आवश्यकता के बराबर)
