बिहार में नकली दवाओं और नशीले पदार्थों के अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़

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8 गोदाम और अवैध फैक्ट्री पकड़ी गई

नई दिल्ली/गया, 1 अगस्त, वाय के न्यूज। नकली दवाओं और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) ने बिहार में संचालित एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान गया और पटना जिले के मसौढ़ी क्षेत्र में आठ अवैध गोदाम तथा एक अवैध दवा निर्माण इकाई का पता चला। मामले के कथित मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सीबीएन के अनुसार यह कार्रवाई वर्ष 2025 में दर्ज एक मामले की जांच के क्रम में की गई। गया में चार गोदामों से 68,200 ट्रामाडोल टैबलेट, 59,000 अन्य टैबलेट तथा 52,542 बोतल कोडीन सिरप बरामद किए गए। बाद में 22 जुलाई 2026 को मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद दो अन्य गोदामों से 21,373 बुप्रेनोर्फिन इंजेक्शन एम्प्यूल और बड़ी मात्रा में नकली दवाएं जब्त की गईं। इनमें क्लैवम-625, पैन-40, बेटाडीन ऑइंटमेंट, एजिथ्रल सहित कई दवाएं शामिल हैं।
इसके बाद स्थानीय पुलिस और बिहार राज्य औषधि प्रशासन के साथ संयुक्त अभियान में छह और अवैध गोदामों का पता चला। वहां से 4.39 लाख से अधिक टैबलेट और कैप्सूल, 1,895 इंजेक्शन, 3,811 सिरप की बोतलें तथा 3,490 अन्य दवा उत्पाद बरामद किए गए। जब्त सामग्री को आगे की कार्रवाई के लिए राज्य औषधि प्रशासन को सौंप दिया गया।


जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पटना जिले के मसौढ़ी के निकट एक फार्महाउस में अवैध दवा निर्माण इकाई संचालित की जा रही थी। संयुक्त छापेमारी में वहां से दवा निर्माण में प्रयुक्त मशीनें, उपकरण, रसायन और कृत्रिम फ्लेवरिंग एजेंट बरामद किए गए। अधिकारियों ने इकाई को सील कर मशीनरी और अन्य सामग्री जब्त कर ली।
प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला कि गिरोह बिना किरायानामा के गोदाम किराये पर लेता था, किराया नकद में चुकाता था और पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेजों पर जारी मोबाइल सिम का उपयोग करता था। जांच एजेंसियां अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और आपूर्ति श्रृंखला की पड़ताल कर रही हैं।
नशे और स्वास्थ्य, दोनों के लिए खतरा


इस कार्रवाई में बरामद ट्रामाडोल, कोडीन और बुप्रेनोर्फिन ऐसी नियंत्रित दवाएं हैं, जिनका चिकित्सकीय उपयोग दर्द प्रबंधन और नशामुक्ति उपचार में किया जाता है। हालांकि इनका अवैध उपयोग नशे के लिए भी किया जाता है, इसलिए इनकी बिक्री और वितरण कानून के तहत नियंत्रित है।
इसके साथ ही क्लैवम-625, पैन-40, बेटाडीन और एजिथ्रल जैसी नकली दवाओं की बरामदगी सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से भी गंभीर मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार नकली या मिलावटी दवाएं मरीजों के उपचार को प्रभावित कर सकती हैं, दवा प्रतिरोध (Antimicrobial Resistance) जैसी समस्याओं को बढ़ा सकती हैं और कई मामलों में जानलेवा भी साबित हो सकती हैं।


एक नजर में


8 अवैध गोदाम और 1 अवैध दवा निर्माण इकाई का भंडाफोड़
मास्टरमाइंड गिरफ्तार
68,200 ट्रामाडोल टैबलेट बरामद
52,542 बोतल कोडीन सिरप जब्त
21,373 बुप्रेनोर्फिन इंजेक्शन एम्प्यूल बरामद
4.39 लाख से अधिक नकली टैबलेट/कैप्सूल जब्त
1,895 इंजेक्शन, 3,811 सिरप और 3,490 अन्य दवा उत्पाद बरामद

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