36 हजार फीट पर तीनों हाइड्रॉलिक सिस्टम फेल, पायलट बर्खास्त; Air India ने शुरू की 100% ड्रग टेस्टिंग

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नई दिल्ली, 4 सितंबर, वाय के न्यूज। फुकेत से दिल्ली आ रही Air India की फ्लाइट AI-2379 में 4 अगस्त को 36 हजार फीट की ऊंचाई पर हुई गंभीर घटना में नया बड़ा डेवलपमेंट सामने आया है। Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट में विमान के तीनों हाइड्रॉलिक सिस्टम के कुछ ही सेकंड में दबाव खोने और Pilot-in-Command (PIC) के साइको-एक्टिव पदार्थ की जांच में नॉन-नेगेटिव पाए जाने के बाद Air India ने कमांडर की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। एयरलाइन ने इसे अपनी जीरो-टॉलरेंस सुरक्षा नीति के तहत कार्रवाई बताया है।

घटना में 145 लोगों को लेकर उड़ रहा Airbus A320 विमान VT-EXO करीब 36 हजार फीट यानी Flight Level 360 पर था। अचानक ग्रीन हाइड्रॉलिक सिस्टम का दबाव खत्म हुआ और अगले चार सेकंड के भीतर ब्लू तथा येलो सिस्टम भी दबाव खो बैठे। इसके साथ ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट हुआ और करीब दो सेकंड तक स्टॉल वार्निंग सुनाई दी। विमान पहले निर्धारित ऊंचाई से करीब 372 फीट ऊपर गया और फिर 292 फीट नीचे आया। कुछ ही समय बाद तीनों हाइड्रॉलिक सिस्टम में दबाव वापस आया और फ्लाइट कंट्रोल सामान्य हो गए।

24 लोगों को लगी चोट

अचानक हुए ऊंचाई परिवर्तन के समय विमान में सीट बेल्ट साइन बंद था। इसके चलते यात्री और केबिन क्रू उछलकर गिर गए। दिल्ली पहुंचने के बाद 20 यात्रियों और चार क्रू सदस्यों को चिकित्सा सहायता दी गई। इनमें 20 को मामूली चोटों के उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि चार को गंभीर चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घटना में केबिन के ओवरहेड बिन, सीलिंग पैनल, पैसेंजर सर्विस यूनिट, हैंडरेल और क्रू सीट को नुकसान पहुंचा। एक लैवेटरी फिटिंग भी उखड़ गई। हालांकि विमान के एयरफ्रेम को कोई बड़ी संरचनात्मक क्षति नहीं हुई।

Breath Analyser सामान्य, लेकिन ड्रग टेस्ट में कमांडर नॉन-नेगेटिव

दिल्ली में उतरने के बाद दोनों पायलटों की जांच की गई। दोनों का Breath Analyser टेस्ट संतोषजनक रहा। इसके बाद साइको-एक्टिव पदार्थों की जांच की गई, जिसमें कमांडर का सैंपल नॉन-नेगेटिव आया, जबकि को-पायलट का परिणाम नेगेटिव था।

कमांडर के रक्त के नमूने को पुष्टि के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। पुष्टि जांच में भी परिणाम नॉन-नेगेटिव रहा। AAIB ने इसे गंभीर सुरक्षा चिंता बताते हुए DGCA से साइको-एक्टिव पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की सिफारिश की है।

Air India ने सभी पायलटों की 100% जांच शुरू की

AAIB की रिपोर्ट के बाद Air India ने अपने सभी पायलटों की स्वैच्छिक साइको-एक्टिव पदार्थ जांच शुरू कर दी है। एयरलाइन का कहना है कि सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा, फिटनेस या नियामकीय मानकों के उल्लंघन पर जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

हाइड्रॉलिक फेलियर का कारण अभी साफ नहीं

AAIB ने अभी यह निष्कर्ष नहीं दिया है कि तीनों हाइड्रॉलिक सिस्टम एक साथ क्यों फेल हुए। विमान के हाइड्रॉलिक कंपोनेंट और फ्लूड के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। Flight Data Recorder और Cockpit Voice Recorder का डेटा भी जांचा जा रहा है। Airbus और फ्रांस की Bureau of Enquiry and Analysis for Civil Aviation Safety (BEA) की तकनीकी सहायता भी ली जा रही है।

विमान पहले से Power Transfer Unit (PTU) से संबंधित Minimum Equipment List (MEL) स्थिति में संचालित हो रहा था। AAIB इस पहलू समेत तकनीकी कारणों की जांच कर रहा है।

महत्वपूर्ण यह है कि प्रारंभिक रिपोर्ट ने पायलट के साइको-एक्टिव पदार्थ के नॉन-नेगेटिव टेस्ट को विमान के हाइड्रॉलिक फेलियर का कारण नहीं बताया है। दोनों पहलुओं की जांच अलग-अलग जारी है और अंतिम रिपोर्ट में घटना के कारणों को लेकर अधिक स्पष्ट निष्कर्ष सामने आएंगे।

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