पुराने कपड़ों से बने सामान अब सरकारी खरीद में होंगे शामिल

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नई दिल्ली। 4 सितम्बर। पुराने कपड़ों, कपड़ा कतरन और कपड़ा कचरे से बने सामान को सरकारी खरीद में बढ़ावा देने के लिए गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) और टेक्सटाइल कमेटी ने समझौता किया है। इसके तहत रीसाइक्ल्ड और अपसाइक्ल्ड कपड़ा उत्पादों को GeM के जरिए सरकारी विभागों तक पहुंचाया जाएगा।

मुंबई में टेक्सटाइल कमेटी के 62वें स्थापना दिवस के मौके पर इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत GeM पर रीसाइक्ल्ड और अपसाइक्ल्ड कपड़ा उत्पादों के लिए अलग श्रेणियां बनाई जाएंगी।

टेक्सटाइल कमेटी ऐसे उत्पाद बनाने वाले योग्य निर्माताओं की पहचान और सत्यापन करेगी। साथ ही उन्हें प्रमाणन देने और उत्पादों के लिए जरूरी मानक तय करने में मदद करेगी। बाजार की जरूरत और प्रशिक्षण से जुड़ी सहायता भी दी जाएगी।

GeM इन उत्पादों को बेचने वाले विक्रेताओं को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ेगा और सरकारी खरीदारों तक उनके उत्पाद पहुंचाने में मदद करेगा। इससे छोटे कारोबारियों, MSME, महिलाओं, कारीगरों और रीसाइक्लिंग से जुड़े उद्यमों को नया बाजार मिल सकेगा।

सरकार का मानना है कि इस पहल से कपड़ा कचरे को उपयोगी सामान में बदलने के साथ रोजगार और कारोबार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इससे देश में रीसाइक्लिंग और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम में केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह और महाराष्ट्र के कपड़ा मंत्री संजय सावकारे मौजूद रहे। GeM के अपर CEO अजीत बी. चव्हाण और टेक्सटाइल कमेटी के सचिव कार्तिकेय धंडा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।

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